बाल सुधार गृह से चार किशोरों के फरार मामले में अधीक्षक समेत आठ गिरफ्तार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 May 2019 6:24 AM

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बिहारशरीफ : दीपनगर थाने के बिहारशरीफ बाल सुधार गृह से एक साथ चार किशोरों के भाग जाने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. इस मामले में सुधार गृह के अधीक्षक समेत कुल आठ कर्मियों के ऊपर प्राथमिकी दर्ज कर उनलोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. डीएम योगेंद्र […]

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बिहारशरीफ : दीपनगर थाने के बिहारशरीफ बाल सुधार गृह से एक साथ चार किशोरों के भाग जाने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. इस मामले में सुधार गृह के अधीक्षक समेत कुल आठ कर्मियों के ऊपर प्राथमिकी दर्ज कर उनलोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. डीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रभारी सहायक निदेशक ब्रजेश मिश्रा ने सोमवार को दीपनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है.

बता दें कि रविवार सोमवार की देर रात्रि सुधार गृह से कुल चार बाल कैदी बाथरूम के वेंटिलेटर का छड़ तोड़ने के बाद चहारदीवारी फांदकर फरार हो गये थे. फरार कैदियों में नगर थाने के भैंसासुर, अस्थावां, नवादा एवं एकंगरसराय निवासी थे
. इसमें से एक एकंगरसराय में ऋतिक हत्याकांड का आरोपित जबकि तीन अन्य अपहरण, छेड़छाड़ व एक लड़की भगाने का आरोपित बताया जा रहा है. पुलिस ने ऋतिक हत्याकांड के आरोपित को आंध्र प्रदेश के तेलंगाना से गिरफ्तार किया था. इधर, सुधार गृह से चार कैदियों के एक साथ फरार हो जाने के बाद प्रशासनिक खेमे में खलबली मच गयी.
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक नीलेश कुमार, उपविकास आयुक्त राकेश कुमार, किशोर न्याय परिषद के प्रधान न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्र व सदर अनुमंडल पदाधिकारी जनार्दन प्रसाद अग्रवाल सोमवार की सुबह बाल सुधार गृह पहुंचे और पूरे मामले की जांच की. डीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेजों की जांच में पाया गया है कि एक फरार बाल कैदी एक संबंधी 10 मई को पर्यवेक्षण गृह में कुछ समान लाये थे.
लेकिन इन सामान की जांच वहां तैनात होमगार्ड के जवानों ने विधिवत ढंग से नहीं की. पूछताछ में यह भी पता चला है कि सुधार गृह के अधीक्षक के कहने पर होमगार्ड के जवानों ने लाये गये सामान की जांच नहीं की थी.
निरीक्षण में मिले थे कई आपत्तिजनक सामान : बता दें कि चालू वर्ष के 14 मार्च एवं 3 मई को डीएम व एसपी ने बाल सुधार गृह का औचक निरीक्षण किया था. देर रात्रि में करीब डेढ़ घंटे तक एक- एक कमरे की सघन तलाशी ली गयी थी.
तब वहां से मोबाइल, चिलम, खैनी व मोबाइल चार्जर जैसे कई आपत्तिजनक सामान प्रशासन के हाथ लगा था. निरीक्षण के क्रम में अधीक्षक को सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये थे. इधर, जांच में स्पष्ट हुआ है कि गृह की सुरक्षा में अधीक्षक एवं प्रतिनियुक्त कर्मी की साफ लापरवाही पाया गया.
भागे कैदी अपने कमरे में मंगाते थे खाना : डीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि जांच में पाया गया है कि भागे चारों बाल कैदी अधीक्षक के शह पर मेस में खाना नहीं खाकर भोजन को अपने कमरे में मंगाकर खाते थे. यह तथ्य भी सामने आया है कि एक फरार कैदी अधीक्षक के अवकाश पर जाने से पहले उनसे अकेले में काफी देर तक बातचीत की थी.
जांच में पाया गया है कि कुछ दिन पहले जमानत पर रिहा एक किशोर बंदी को सुधार गृह के अधीक्षक द्वारा गृह में रखा गया था, जिसे अधीक्षक के आवास में सोया पाया गया था. उसके पास वोकेशनल कमरे की चाबी थी जबकि वोकेशनल कमरे में कटर व पेचकश जैसे कई अन्य लौह उपकरण रखे जाते हैं.
मोटे ग्रिल काटे जाने की नहीं लगी भनक :बता दें कि बाल सुधार गृह से कैदियों ने भागने के पहले यहां बाथरूम के वेंटिलेटर की मोटी एवं मजबूत ग्रिल को काटा था. इस ग्रिल को काटना इतना आसान भी नहीं था. ग्रिल को काटने में कुछ समय भी लगा था. बावजूद ग्रिल काटे जाने की भनक यहां तैनात कर्मियों को नहीं लगी. ऐसे में यहां तैनात कर्मियों की लापरवाही उजागर हो रही है.
इन कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज : जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रभारी सहायक निदेशक ब्रजेश मिश्र ने बताया कि बाल सुधार गृह के अधीक्षक दृघराज सिंह, रसोइया सुनील सिंह, सहायक अश्विन कुमार, आंतरिक सुरक्षा गार्ड प्रेमकांत व होमगार्ड राजा राम प्रसाद, राजकुमार प्रसाद, सुंदर लाल एवं विनोद रविदास के विरुद्ध डयूटी में लापरवाही एवं कैदियों के फरार मामले में दोषी पाये जाने के विरुद्ध दीपनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
डीडीसी की अध्यक्षता में जांच टीम गठित :
बाल सुधार गृह से एक साथ चार कैदियों के भागने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. जांच-पड़ताल में अधीक्षक, रसोइया, हेल्पर एवं यहां के कई होमगार्ड की लापरवाही साफ झलक रही है. इस संबंध में इन सभी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जांच के लिए उपविकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक टीम गठित की गयी है. जांच में दोषी पाये गये कर्मी के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.
योगेंद्र सिंह, जिलाधिकारी, नालंदा
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