जिले में निषेधाज्ञा लागू, मजमा लगाना होगा दंडनीय

Updated at : 12 Mar 2019 7:54 AM (IST)
विज्ञापन
जिले में निषेधाज्ञा लागू, मजमा लगाना होगा दंडनीय

बिहारशरीफ : चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है. इसकी जानकारी देते हुए डीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि ऐसा देखा जाता है कि चुनाव की प्रक्रिया के दौरान कुछ असामाजिक तत्व भय व आतंक का वातावरण उत्पन्न कर स्वच्छ, निष्प्क्ष एवं शांतिपूर्वक चुनाव […]

विज्ञापन

बिहारशरीफ : चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है. इसकी जानकारी देते हुए डीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि ऐसा देखा जाता है कि चुनाव की प्रक्रिया के दौरान कुछ असामाजिक तत्व भय व आतंक का वातावरण उत्पन्न कर स्वच्छ, निष्प्क्ष एवं शांतिपूर्वक चुनाव में बाधा उत्पन्न करते हैं.

इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों में आपसी द्वेष की संभावनाएं रहती हैं. साथ ही यह भी संभव है कि मतदान के दौरान अस्त्र-शस्त्र का भय दिखाकर एवं नाजायज मजमा लगाकर मतदाताओं को भयभीत करते हुए विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न कर दी जाये.
इससे निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान वातावरण अशांत, भयकांत होने की प्रबल संभावना है. पूरे जिले में लोकसभा चुनाव के दौरान शांति-व्यवस्था एवं लोक व्यवस्था बनाये रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू किया जाना आवश्यक है, जिससे चुनाव के दौरान मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग भयमुक्त वातावरण में निर्भय होकर कर सकें. उन्होंने बताया कि निषेधाज्ञा लागू होने के बाद पांच या पांच से अधिक व्यक्ति एक साथ जमा होकर जुलूस, सभा, बैठक एवं प्रदर्शन नहीं करेंगे.
किसी भी तरह का अस्त्र-शस्त्र, हथियार, लाठी, भाला, गड़ांसा, चाकू, छूरा, बरछी, तीर-धनुष, कुल्हाड़ी, विस्फोटक पदार्थ, अग्नेयास्त्र लेकर सार्वजनिक स्थल पर उसका प्रदर्शन नहीं करेंगे. शासकीय कार्य में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी द्वारा धारित अग्नेयास्त्र इत्यादि का प्रयोग इस निषेधाज्ञा की परिधि से बाहर होगा. सिख धर्मावलंबियों के लिए कृपाण धारण करना, धार्मिक व्यक्तियों द्वारा परंपरानुसार धारित किये जाने वाले शस्त्र इस निषेधाज्ञा की परिधि से बाहर होंगे.
शवयात्रा, धार्मिक अनुष्ठान, शादी-विवाह, सांस्कृतिक जुलूस, सभा इस निषेधाज्ञा की परिधि से बाहर होंगे. शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा शस्त्र निरीक्षण कराने एवं शस्त्र जमा करने के लिए ले जाने वाले अनुज्ञप्तिधारियों पर यह निषेधाज्ञा शिथिल होगा. यह आदेश निर्गत होने की तिथि से 60 दिन अथवा लोकसभा चुनाव की समाप्ति तक प्रभावी रहेगा.
किस पर प्रतिबंध
पांच या पांच से अधिक व्यक्ति एक साथ जमा होकर जुलूस, सभा, बैठक एवं प्रदर्शन नहीं करेंगे. किसी भी तरह का अस्त्र-शस्त्र, हथियार, लाठी, भाला, गड़ांसा, चाकू, छूरा, बरछी, तीर-धनुष, कुल्हाड़ी, विस्फोटक पदार्थ, अग्नेयास्त्र लेकर सार्वजनिक स्थल पर उसका प्रदर्शन नहीं करेंगे.
इन पर प्रतिबंध नहीं
शासकीय कार्य में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी द्वारा धारित अग्नेयास्त्र निषेधाज्ञा से बाहर. सिख धर्मावलंबियों के लिए कृपाण, धार्मिक व्यक्तियों द्वारा परंपरानुसार धारित किये जाने वाले शस्त्र निषेधाज्ञा से बाहर. शवयात्रा, धार्मिक अनुष्ठान, शादी-विवाह, सांस्कृतिक जुलूस, सभा निषेधाज्ञा से बाहर होंगे. शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा शस्त्र निरीक्षण कराने एवं शस्त्र जमा करने के लिए ले जाने वाले अनुज्ञप्तिधारियों पर यह निषेधाज्ञा शिथिल होगा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन