कैसे हो सिंचाई ! ट्यूबवेल हैं पर नाले नहीं, किसान परेशान

Updated at : 04 Dec 2017 8:34 AM (IST)
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कैसे हो सिंचाई ! ट्यूबवेल हैं पर नाले नहीं, किसान परेशान

चालू हालत में हैं 221 राजकीय ट्यूबवेल इनसे सिंचाई का लक्ष्य 25 हेक्टेयर निर्धारित लघु सिंचाई विभाग ने रबी फसल की सिंचाई का निर्धारित किया लक्ष्य बिहारशरीफ : कृषि प्रधान नालंदा जिले के किसानों को सिंचाई के लिए पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर रहना पड़ रहा है. खेतों के पटवन के लिए सरकार द्वारा जिले […]

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चालू हालत में हैं 221 राजकीय ट्यूबवेल
इनसे सिंचाई का लक्ष्य 25 हेक्टेयर निर्धारित
लघु सिंचाई विभाग ने रबी फसल की सिंचाई का निर्धारित किया लक्ष्य
बिहारशरीफ : कृषि प्रधान नालंदा जिले के किसानों को सिंचाई के लिए पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर रहना पड़ रहा है. खेतों के पटवन के लिए सरकार द्वारा जिले में बड़ी संख्या में राजकीय ट्यूबवेल लगाये गये हैं, लेकिन ये स्टेट ट्यूबवेल सिंचाई के लिए नाले के अभाव के कारण केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गये हैं.
जिले में विभिन्न मदों से 415 स्टेट ट्यूबवेल लगाये गये हैं, इनमें से करीब 221 स्टेट ट्यूबवेल ही चालू हालत में है. चालू हालत में रहे 221 स्टेट ट्यूबवेल का भी सिंचाई के लिए भरपूर इस्तेमाल नहीं हो रहा है. सिंचाई के नाले के अभाव में ये स्टेट ट्यूबवेल किसानों के लिए मददगार साबित नहीं हो पा रहे हैं. लघु सिंचाई विभाग द्वारा रबी मौसम में स्टेट ट्यूबवेल के माध्यम से सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो किसानों को हैरान करने वाला है.
विभाग द्वारा रबी मौसम में कुल मिलाकर 25 हेक्टेयर खेतों की सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रबी मौसम में पुराने स्टेट ट्यूबवेल से 15 हेक्टेयर एवं फेज आठ एवं फेज 11 से 10 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है.
नाला विहीन हो गये स्टेट ट्यूबवेल
जिले के अधिकांश स्टेट ट्यूबवेल इन दिनों नाला विहीन हो चुके हैं. पूर्व में सभी स्टेट ट्यूबवेल को सिंचाई के लिए अपना नाला था. रखरखाव के अभाव में सारे नाले धीरे-धीरे ध्वस्त होते गये. वर्तमान में स्थित यह है कि अधिकांश स्टेट ट्यबवेल का नाला नहीं है. इसकेकारण स्टेट ट्यूबवेल सही सलामत रहते हुए भी किसान इसा उपयोग करने से वंचित हो रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
”जिले में वर्तमान समय में करीब 221 स्टेट ट्यूबवेल चालू हालत में हैं. इन स्टेट ट्यूबवेल के नाले ध्वस्त हो गये हैं. जिसके कारण किसानों को सिंचाई करने में परेशानी हो रही है. किसान इन स्टेट ट्यूबवेल का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. रबी मौसम में विभाग द्वारा जिले में 25 हेक्टेयर खेत की सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है. विभाग इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है.”
राजेश कुमार, कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग.
18 नये स्टेट ट्यूबवेल की स्वीकृति
मुख्यालय द्वारा जिले में 18 नये स्टेट ट्यूबवेल लगाने की स्वीकृति दी गयी है. पूर्व से लगे 18 स्टेट ट्यूबवेल ईंट-पत्थर से भर गये थे, तथा जो फेल हो गये थे, उनकी जगह नये ट्यूबवेल लगाने की स्वीकृति विभाग द्वारा दी गयी है.
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