नालंदा में आज से ऑनलाइन म्यूटेशन का कार्य शुरू
Updated at : 01 Dec 2017 6:54 AM (IST)
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सूबे में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में सदर अंचल का चयन कार्यालयों का चक्कर लगाने से मिली मुक्ति 18 दिनों में बनकर मिल जायेगा कागज बिहारशरीफ : शुक्रवार का दिन नालंदा के लिये महत्वपूर्ण होगा. क्योंकि आज से ऑनलाइन म्यूटेशन (दाखिल-खारिज )का कार्य जिले से शुरू होने जा रहा है. इसकी सभी तैयारी कर ली […]
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सूबे में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में सदर अंचल का चयन
कार्यालयों का चक्कर लगाने से मिली मुक्ति
18 दिनों में बनकर मिल जायेगा कागज
बिहारशरीफ : शुक्रवार का दिन नालंदा के लिये महत्वपूर्ण होगा. क्योंकि आज से ऑनलाइन म्यूटेशन (दाखिल-खारिज )का कार्य जिले से शुरू होने जा रहा है. इसकी सभी तैयारी कर ली गयी है. पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में जिले के सदर अंचल बिहारशरीफ का चयन किया गया है. सूबे में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में नालंदा के बिहारशरीफ अंचल कार्यालय से नयी तकनीक से कार्य होने जा रहा है. चर्चा है कि इस महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ सीएम नीतीश कुमार रिमोट के द्वारा पटना से योजना का शुभारंभ कर सकते हैं.
सदर अंचल में कार्य सफलतापूर्वक होने के बाद जिले के अन्य अंचलों में भी इस योजना की शुरूआत की जायेगी. ऑनलाइन कार्य होने से इस अंचल के वैसे लोग जो जमीन का म्यूटेशन करना चाहते हैं कार्यालयों का चक्कर लगाने से मुक्ति मिल जायेगी. पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सदर अंचल कार्यालय के द्वारा सभी तकनीकी कार्य को पूरा कर लिया गया है. ऑनलाइन म्यूटेशन कार्य शुरू होने से म्यूटेशन के नाम पर मोटी रकम ठगने वालों पर पर भी शिकंजा कस जायेगा. आम लोगों को सिर्फ करना यह होगा कि दलालों या कार्यालयों का चक्कर लगाने के स्थान ऑनलाइन सिस्टम को अपनाये. बाबुओं को भी खुश करने की परंपरा का अंत हो जायेगा.
म्यूटेशन में आने वाली समस्याओं से निजात मिलेगी. ऑनलाइन आवेदन करने के बाद 18 दिनों के बाद उसका कागज मिल जायेगा. कार्य पूरा होने की सूचना संबंधित आवेदक के द्वारा दिये गये मोबाइल नंबर पर मैसेज चला जायेगा. पायलट प्रोजेक्ट सफलता के बाद जिले के सभी अंचलों में इस कार्य की शुरुआत की जायेगी. सरकारी दस्तावेज में जमीन का मालिकाना हक दर्ज कराना. इसे दाखिल-खारिज भी कहा जाता है. रेवन्यू रिकाडर्स में किसी अन्य व्यक्ति के नाम का ट्रांसफर कराना हो तो यह नाम जरूरी है. पूरे दस्तावेज के साथ निर्धारित फॉमेंट में भरकर आवेदन को अंचल कार्यालय में देना होता है.
इसमें बताना होता है कि प्रॉपटी किस तरह की है. और किस इलाके की है. फिर मालिकाना हक बदला गया है. दोनों पक्षों के पूरा नाम और पता देना होता है. साथ ही इससे संबंधित कागजात भी लगाना होता है. इन कागजों में सेल डीड या वसीयत शामिल होता है. म्यूटेशन के लिये निर्धारित फीस भी भरना होता है. पूर्व से दर्ज नाम को खारिज करके वर्तमान मालिक का दर्ज करना ही दाखिल खारिज कहा जाता है.
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