आठ पदाधिकारियों से शो काॅज

Updated at : 06 Sep 2017 4:30 AM (IST)
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आठ पदाधिकारियों से शो काॅज

बिहारशरीफ : स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता बरतने के आरोप में जिले के आठ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से डीएम ने शो कॉज किया है. साथ ही सात अस्पतालों के हेल्थ मैनेजरों के वेतन पर रोक लगा दी है. जिले में स्वास्थ्य योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन करने का सख्त निर्देश दिया गया है. […]

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बिहारशरीफ : स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता बरतने के आरोप में जिले के आठ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से डीएम ने शो कॉज किया है. साथ ही सात अस्पतालों के हेल्थ मैनेजरों के वेतन पर रोक लगा दी है. जिले में स्वास्थ्य योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन करने का सख्त निर्देश दिया गया है.

मंगलवार को सदर अस्पताल के परिसर के सभागार में आयोजित स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीएम डॉ त्यागराजन ने यह कार्रवाई की. डीएम डॉ त्यागराजन ने जिले के पीएचसीवार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान डीएम ने सात अस्पतालों में जननी बाल सुरक्षा कार्यक्रम का भुगतान लंबित पाया.इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हरनौत, अनुमंडलीय अस्पताल हिलसा, सदर अस्पताल बिहारशरीफ, राजगीर सरमेरा,

परबलपुर एवं करायपरशुराय के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से इस बाबत शो कॉज किया. साथ इन अस्पतालों के हेल्थ मैनेजरों के वेतन रोकने का आदेश दिया.डीएम डॉ त्यागराजन ने मेजर ऑपरेशन में सिलाव अस्पताल की उपलब्धि कम पायी. इस कारण सिलाव प्रभारी से भी स्पष्टीकरण उन्होंने पूछा. इस कार्य में उपलब्धि बढ़ाने का निर्देश डीएम ने दिया.

परिवार नियोजन पर दें विशेष ध्यान : डीएम डॉ त्यागराजन ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से कहा कि परिवार नियोजन से संबंधी ऑपरेशन पर विशेष ध्यान दें. जिले के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में डीएम ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी व इंडोर की चिकित्सा व्यवस्था को और भी सुदृढ़ बनाने को कहा .साथ मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
कुपोषित बच्चों का सर्वे पूरा करें : जिलाधिकारी डॉ त्याग राजन ने जिले में कुपोषित बच्चों का सर्वे पूरा करने एवं उनकी विशेष देखभाल करने का निर्देश दिया. बच्चों में दो माह के दौरान कुपोषण को दूर करने की भी बात कही. उन्होंने सदर अस्पताल में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी सीडीपीओ एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विशेष रूप से इस अभियान का नेतृत्व करने को कहा एवं माताओं को पोषण संबंधी सही सलाह, बच्चों को समुचित मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने की बात कही. डीएम ने सीडीपीओ को खास तौर पर निर्देश दिया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाले पोषाहार एवं टेक होम राशन की गुणवत्ता एवं मात्रा हर हालत में सही हो, इसे सुनिश्चित करें. नियमित अंतराल पर बच्चों का वजन एवं हेल्थ चेकअप हो तथा उनका कुपोषण दूर किया जाये. डीएम ने आंगनबाड़ी में प्री-स्कूलिंग शिक्षा की प्रभावकारी व्यवस्था करने को कहा. उन्होंने बिहारशरीफ के डीसीएलआर राकेश गुप्ता एवं सिविल सर्जन सुबोध प्रसाद सिंह को इसकी जिम्मेदारी दी गयी. इस अभियान को अपने देखरेख में सही समय से पूरा करने एवं कुपोषण मुक्त नालंदा बनाने के लक्ष्य को पूरा करने को कहा. इस कार्य में केयर इंडिया के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि इस कार्य में लगे हुए लोगों के साथ समन्वय बना कर कार्य करें एवं वर्तमान स्थिति में सुधार लायें. सिर्फ बाहर-बाहर से रिर्पोटिंग की आदत को छोड़े.
डीपीएम का वेतन बंद करने का आदेश
जिलाधिकारी डॉ. त्याग राजन एसएम ने डीपीएम को अपने कार्यप्रणाली में सुधार लाने को कहा है. उन्होंने कहा कि शिकायत मिली है कि कई प्राथमिक एवं कई अपर प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में जरूरत से ज्यादा सिक्युरिटी गार्ड की बहाली कर दी गयी है तथा उन्हें वास्तविक रूप में उतना मानदेय नहीं दिया जाता, जितना कि कागज पर दिखाया जाता है. इसकी जांच के लिए डीएम ने अपर समाहर्ता मो. खबीर, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सुबोध कुमार सिंह एवं वरीय उप समाहर्ता वृजेश कुमार के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की एवं एक महीने में इसकी जांच रिपोर्ट देने को कहा. तब तक डीपीएम का वेतन बंद करने का आदेश दिया गया है.
डेंगू से बचाव के लिए कार्य में लाएं तेजी
जिले में डेंगू के एक-दो मामले सामने आने पर जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि पूरी जिले में डेंगू से बचाव के कार्यक्रम को तेज करें एवं सदर अस्पताल में एक डेंगू वार्ड की स्थापना करें. दुर्घटना एवं अन्य इमरजेंसी की स्थिति में डॉक्टर को तुरंत सही समय पर उपलब्ध करा कर इलाज करने का निर्देश दिया. डॉक्टर के हॉस्पिटल में उपलब्ध नहीं रहने के कारण कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है. भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित डॉक्टर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी. इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. सुबोध प्रसाद सिंह, डीसीएलआर राकेश गुप्ता, वरीय उप समाहर्ता ब्रजेश कुमार, एसीएमओ डॉ. ललित मोहन प्रसाद, डीएमओ डॉ रवींद्र कुमार, डॉ मनोरंजन कुमार आदि लोग मौजूद थे.
गाड़ियों का वेरिफिकेशन करने का निर्देश
स्वास्थ्य विभाग में चल रही सभी गाड़ियों का वेरिफिकेशन करने का निर्देश जिलाधिकारी ने डीसीएलआर राकेश गुप्ता को दिया है. जिलाधिकारी को शिकायत मिली थी कि कई पीएचसी में एक ही गाड़ी पर दो-दो भुगतान दिखाया जाता है. मिशन स्वास्थ्य आंचल को भी प्रभावी तरीके से मॉनीटरिंग एवं क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया. टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बीडीओ, सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर, एएनएम, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी आपसी समन्वय बना कर बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें. 17 सितंबर से शुरू होने वाले पोलियो टीकाकरण अभियान में कहीं से कोई गड़बड़ी की शिकायत नहीं आनी चाहिए. डीएम ने कहा कि अगर कोई गड़बड़ी की शिकायत आयी तो दोषी को चिह्नित कर उस पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. जिन जगहों पर टीकाकर्मी की कमी है उस जगह पर वोलेंटियर को प्रशिक्षित कर उनसे टीकाकरण का कार्य लेने को कहा गया.
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