बारिश से किसानों के चेहरे खिले

Updated at : 02 Jul 2017 1:22 AM (IST)
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बारिश से किसानों के चेहरे खिले

झमाझम बारिश से खेतों में भरा पानी बिहारशरीफ/नालंदा : जुलाई माह प्रारंभ होते ही भगवान इंद्र बरस पड़े. आकाश से झमाझम बारिश होने लगी.आकाश से अमृत के रूप में बरसे पानी से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे. पानी बरसने से खेतों में बोये गये धान के बिचड़े में एक तरह से नयी जान […]

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झमाझम बारिश से खेतों में भरा पानी

बिहारशरीफ/नालंदा : जुलाई माह प्रारंभ होते ही भगवान इंद्र बरस पड़े. आकाश से झमाझम बारिश होने लगी.आकाश से अमृत के रूप में बरसे पानी से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे. पानी बरसने से खेतों में बोये गये धान के बिचड़े में एक तरह से नयी जान आ गयी है. किसान भगवान इंद्र के प्रति आस लगाये बैठे थे. पानी बरसने के लिए इंद्र भगवान से आरजू विनती करने में लगे थे किसान. आखिरकार भगवान ने किसानों की आरजू -विनती को स्वीकार करते हुए प्रसन्न हो गये और जमकर पानी बरसाये. यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए एक तरह से अमृत के समान है. अभी किसानों के लिए बारिश बहुत ही जरूरी थी.
हल-बैल लेकर खेत की ओर रवाना हुए किसान : शनिवार की दोपहर बाद पानी बरसने से किसानों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा है. जो किसान अब तक खरीफ फसलों के तहत धान की खेती करने के लिए खेतों में बिचड़े नहीं डाल पाये थे.एेसे किसान हल बैल लेकर खेतों की ओर रवाना हो गये. खेतों की जुताई करने में जुट गये. बारिश होने के बाद अब धान के बिचड़े बोने के काम में भी तेजी आने की संभावना बढ़ गयी है. अब तक बारिश के अभाव में लक्ष्य के अनुरूप बिचड़े नहीं बोये गये थे,पर अब इसमें तेजी आयेगी.
जून माह में औसत से 70 फीसदी कम हुई थी बारिश
जून माह में जिले में औसतन से काफी कम बारिश हुई थी. जून महीने में औसतन 127 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी. पर 70 फीसदी कम बारिश हुई. लिहाजा इस माह में धान के बिचड़े की बुआई पूरी तरह से प्रभावित हुई. लक्ष्य के अनुरूप बुआई नहीं हो पायी. पानी के अभाव में खेतों में नमी की कमी थी.खेतों में धूल उड़ रही थी.किसानों के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी.सुखाड़ की आशंका लोग जताने लगे थे लेकिन जैसे ही जुलाई माह का आगाज हुआ आसमान से पानी टपक पड़ा.झमाझम बारिश होने के बाद देखते ही देखते मूसलाधार बारिश होने लगी.किसान भाई खुशी से झूम उठे.किसानों में खरीफ की खेती के प्रति अब आस एकबार फिर जग गयी है.लोग उम्मीद करने लगे हैं कि जुलाई माह में अच्छी बारिश होने की उम्मीद जता रहे हैं.
पिछले साल भी जुलाई माह में औसतन से कहीं अधिक बारिश हुई थी.पर गत साल जून माह भी किसानों को दगा दे गया था.इस बार भी.
1.28 लाख हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य
जिले में चालू वित्तीय साल में एक लाख 28 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की खेती करने का लक्ष्य है.इसके लिए जिले में 12 हजार 800 हेक्टेयर जमीन में बिचड़े बोने का लक्ष्य है.पानी बरसने से जहां किसानों में उम्मीद जगी है तो कृषि विभाग के अधिकारियों में भी. उन्हें उम्मीद है कि जुलाई माह में अच्छी बारिश होने पर किसान समय पर इसकी खेती कर पायेंगे. यानी की जून माह की क्षति की पूर्ति जुलाई माह में होने की संभावना है.जैसा कि इसका आगाज सही तरीके से हुआ है.
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