दुकान के बाहर लिखें जीएसटी नंबर, नहीं तो पेनाल्टी
Author Prabhat khabar news desk
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दुकान के बाहर लिखें जीएसटी नंबर, नहीं तो पेनाल्टी
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मुख्य बातें-
कारोबार 40 लाख से ज्यादा फिर भी प्रतिष्ठान का जीएसटी नंबर नहीं
अनिबंधित प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेंगे अफसर, संग्रह में आयेगी तेजी
मुजफ्फरपुर.
राज्य कर विभाग अब जिले में चलने वाले ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच करेगा, जिनका सालाना कारोबार 40 लाख रुपये से अधिक है और प्रतिष्ठान का जीएसटी नंबर नहीं है. ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान कर उन्हें जीएसटी नंबर लेने का निर्देश दिया जायेगा.पिछले एक साल में महज 61 कारोबारियों के निबंधन के बाद विभाग ने यह निर्णय लिया है. जिले में ऐसे कई प्रतिष्ठान हैं, जिनका टर्न ओवर 40 लाख से अधिक है, लेकिन प्रतिष्ठान का लाइसेंस ही नहीं है.इसके लिए विभाग ने अधिकारियों को क्षेत्र आवंटित कर दिया है. विभाग के पश्चिमी अंचल के इकाई व पूर्वी अंचल के एक इकाई ने अधिकारियों को उनका क्षेत्र आवंटित कर दिया है. उस इलाके में संबंधित अधिकारी जीएसटी संग्रह से लेकर ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान करेंगे, जिनका लाइसेंस नहीं है.जांच के दौरान यह माना जायेगा कि जिस प्रतिष्ठान के बाहर नंबर नहीं लिखा हुआ है, उन्होंने लाइसेंस नहीं ले रखा है, यदि प्रतिष्ठान का लाइसेंस है और प्रतिष्ठान के बाहर वह अंकित नहीं है तो उस पर पेनाल्टी लगेगी. इसके लिए विभाग ने पिछले दिनों सभी प्रतिष्ठान संचालकों को यह निर्देश जारी किया था. हालांकि शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत प्रतिष्ठान का बोर्ड लगाने के क्रम में पुराना बोर्ड हट गया और नये बोर्ड पर जीएसटी लाइसेंस नंबर अंकित नहीं है. राज्य कर विभाग के प्रमंडलीय अपर आयुक्त सत्येंद्र सिन्हा ने कहा कि जीएसटी संग्रहण में विभाग जुटा हुआ है. जीएसटी के नियम के अनुसार प्रतिष्ठानों को लाइसेंस लेना जरूरी है. इसकी जांच करायी जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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