मुजफ्फरपुर में 70% परिवारों के पास दोपहिया वाहन, सिर्फ 9% के पास ही है कार
Updated at : 22 Aug 2025 8:24 PM (IST)
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Two wheeler, only 9% have car्र
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कुमार गौरव, मुजफ्फरपुर
जिले के परिवारों में दोपहिया वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. जिला परिवहन कार्यालय में वाहन के निबंधित आंकड़ों के मुताबिक, जिले के करीब 70% परिवारों के पास कम से कम एक दोपहिया वाहन है.दरअसल, 2011 की जनगणना के अनुसार, मुजफ्फरपुर में लगभग 10.5 लाख परिवार हैं, और अब तक 8.85 लाख दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. यह आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले में लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है. दूसरी तरफ, चौपहिया वाहनों की बात करें तो स्थिति काफी अलग है. जिले में निजी कारों का रजिस्ट्रेशन केवल 96,268 है, जो कुल परिवारों का लगभग 9 प्रतिशत है.वाहनों की कुल संख्या
जिले में कुल रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या 11.65 लाख है. इसमें से 1.55 लाख कमर्शियल वाहन और 10.10 लाख निजी वाहन हैं. निजी वाहनों में सबसे ज्यादा, 8.85 लाख दोपहिया वाहन हैं.मुजफ्फरपुर को उत्तर बिहार की एक बड़ी व्यापारिक केंद्र माना जाता है. यही वजह है कि वैशाली, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और दरभंगा जैसे आसपास के जिलों के लोग भी यहीं से वाहन खरीदते और रजिस्टर्ड करवाते हैं. जिले में 125 से ज्यादा छोटी-बड़ी वाहन एजेंसियां हैं, जहां कई तरह के मॉडल आसानी से उपलब्ध होते हैं.शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रुझान
शहरों में रहने वाले लगभग 50% परिवारों के पास एक से ज्यादा दोपहिया वाहन हैं. कामकाजी महिलाओं की संख्या बढ़ने से यह आम हो गया है कि एक परिवार में एक बाइक और एक स्कूटी हो. स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं भी अब इनका इस्तेमाल कर रहे हैं, खासकर इलेक्ट्रिक स्कूटी के आने के बाद इसमें और भी तेज़ी आई है. चौपहिया वाहनों के मामले में, कुछ ही ऐसे परिवार हैं जिनके पास एक से ज़्यादा कारें हैं, और ये सामान्य वर्ग से ऊपर के हैं.स्कूटी की बढ़ती लोकप्रियता
दोपहिया वाहन कंपनियों ने जब स्कूटर को नए रूप में स्कूटी के तौर पर दोबारा लॉन्च किया, तो उनकी बिक्री में बड़ा उछाल आया. शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्कूटी काफी लोकप्रिय हुई है. शोरूम संचालकों के मुताबिक, स्कूटी खरीदने वालों में करीब 40% ग्राहक ग्रामीण इलाकों से आते हैं. स्कूटी खासकर बुजुर्गों और महिलाओं की पसंदीदा सवारी बन गई है, क्योंकि यह हल्की होती है और रोज़मर्रा का सामान लाने-ले जाने में भी आसान होती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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लेखक के बारे में
By Prabhat Kumar
I am working as a chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on district administration, political, social, and current topics.
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