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The annual budget of the university is Rs 1115.78 crore.
विवि का सालाना बजट 1115.78 करोड़ का
सिंडिकेट की बैठक में लगी मुहर, स्वीकृति के लिए सरकार को भेजेंगेउपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर
बीआरएबीयू के वित्तीय वर्ष 26-27 के लिए 1115.78 करोड़ के अनुमानित वार्षिक बजट पर सिंडिकेट की मुहर लगी. इससे पहले दो दिसंबर काे वित्त समिति से बजट पर स्वीकृति ली गयी थी.अब सीनेट से स्वीकृति की प्रत्याशा में सरकार काे बजट भेजा जायेगा. वीसी प्राे दिनेश चंद्र राय की अध्यक्षता में विवि के नये गेस्ट हाउस स्थित काॅन्फ्रेंस हाल में सिंडिकेट की बैठक हुई. इसमें बजट के साथ ही एकेडमिक काउंसिल से स्वीकृत शैक्षणिक प्रस्ताव भी स्वीकृत किये गये. इसके साथ ही शिक्षकाें के प्रमाेशन का मुद्दा भी सदस्याें ने उठाया. सिंडिकेट की बैठक में सदस्याें ने कई मदाें में खर्च बढ़ने पर सवाल उठाया, ताे कुछ मदाें में बजट बढ़ाने का अनुराेध भी किया. विवि के अनुमानित बजट में सबसे अधिक राशि का आकलन वेतन व पेंशन मद में किया गया है. 25-26 में बजट 1050.02 करोड़ रुपये का था.गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 16.82 करोड़ घाटे के बजट का आकलन किया गया है. वेतन आदि मद में वर्ष 2026-27 के लिए 338.97 करोड़ की राशि का आकलन किया गया है. पिछले वर्ष यह 319.63 करोड़ था. वहीं, पेंशन मद में वर्ष 26-27 में 377.09 करोड़ का आकलन किया गया है, जबकि 25-26 में यह 351.53 करोड़ था. वर्ष 26-27 में सरकार से अन्य मदों में 203.78 करोड़ की मांग की गयी है. दूसरी ओर आंतरिक स्राेत से प्राप्त आय के विरुद्ध वर्ष 2026-27 में 193.14 करोड़ के व्यय का आकलन किया गया है. बजट में स्टैच्युटरी ग्रांट पर 2.67 करोड़, अतिथि शिक्षकों के रेमुनरेशन पर 38.12 करोड़, आउटसोर्सिंग नन टीचिंग स्टाफ के वेतन पर 5.65 करोड़, नये निर्माण, रेनोवेशन, रिपेयर और मेंटेनेंस पर 104.13 करोड़, कंप्यूटर व प्रयोगशाला पर 5 करोड़, तरंग व एकलव्य पर 1.52 करोड़, एनएसएस कल्चरल वेलफेयर प्रोग्राम पर 1.46 करोड़, विभिन्न कल्याणकारी योजना के लिए 2.85 करोड़, यूजीसी फेलोशिप व स्कालरशिप पर 6.50 करोड़ रुपए का व्यय अनुमानित है. यूनिवर्सिटी के कंप्यूटराइजेशन पर 8.05 करोड़ खर्च किये जायेंगे.समर्थ एक्टिव हाेने पर अभी संकट
विवि में अगले वित्तीय वर्ष में यूएमआइएस के लिए 17.26 कराेड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है. हालांकि विभाग की ओर से समर्थ पाेर्टल पर सभी माॅड्यूल एक्टिव करने का निर्देश है. बैठक में इसकाे लेकर भी सदस्याें ने चर्चा की. कहा गया कि यूएमआइएस पर सभी सेवाएं अभी उपलब्ध रहेंगी. बजट में नैक पीयर टीम के लिए 12.14 करोड़, न्यू सेल्फ फिनांस कोर्स के लिए 6.29 करोड़, इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग पर 0.13 करोड़, काॅलेजों के लिए कंटीजेंसी 1.17 करोड़, पीजी विभाग के लिए 2.18 करोड़, काॅमन सर्विस के लिए 10.67 करोड़, लाइब्रेरी एंड स्टडी सेंटर के लिए 17.23 करोड़, वेलफेयर स्कीम के लिए 1.68 करोड़, गेस्ट हाउस के लिए 0.63 करोड़, स्पोर्ट्स काउंसिल (विवि व काॅलेज) के लिए 0.52 करोड़, कम्युनिटी हाल के लिए 0.45 करोड़, दीक्षा समारोह के लिए 1.15 करोड़, हेल्थ केयर पर 0.62 करोड़, वोकेशनल सेल्फ फिनांस के लिए 3.92 करोड़, छात्रावास के लिए 0.69 करोड़, परीक्षा (विश्वविद्यालय) के लिए 109.30 करोड़, प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी पर 3.85 करोड़ व चुनाव खर्च 0.90 करोड़ का प्रावधान किया गया है. नये वर्ष में वाहन की खरीद के लिए भी बजट में 0.36 करोड़ रखा गया है.बीटेक सहित अन्य काेर्स के ऑर्डिनेंस-रेगुलेशन भी स्वीकृत
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के पीजी केमिस्ट्री विभाग में स्नातक स्तर के तकनीकी काेर्स बीटेक इन फूड टेक्नाेलाॅजी सहित अन्य शैक्षणिक प्रस्ताव भी सिंडिकेट से स्वीकृत हो गये हैं. छह दिसंबर काे एकेडमिक काउंसिल से मंजूरी के बाद इसे सिंडिकेट की बैठक में रखा गया था. बीटेक में 40 सीट निर्धारित है, जिसमें 25 सीट बिहार के छात्राें के लिए और शेष 15 सीटाें पर एनआरआइ व स्पांन्सर काेटे से एडमिशन लिया जायेगा.समसामयिक व ट्रेडिशनल फूड काे बढ़ावा देने के लिए विवि से बीटेक इन फूड टेक्नाेलाॅजी काेर्स शुरू किया जा रहा है. इसके साथ ही एलएलबी व बीए एलएलबी काेर्स के नये ऑर्डिनेंस-रेगुलेशन व सिलेबस काे मंजूरी मिल गयी.दाेनाें काेर्स अब सेमेस्टर सिस्टम में संचालित हाेंगे.
पीजी मनोविज्ञान विभाग में गाइडेंस एंड कराउंसिल कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हाे गया. सर्टिफिकेट कोर्स की अवधि एक वर्ष की होगी. इसका संचालन सेमेस्टर सिस्टम में और 50 सीटों पर नामांकन लिया जायेगा. इसके अलावा एकेडमिक काउंसिल से स्वीकृत विज्ञान संकाय से स्नातक में एमडीसी के विषयों की अनिवार्यता खत्म करने व शिक्षकों को इंस्टीट्यूशनल इमेल आईडी उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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लेखक के बारे में
By Vinay Kumar
I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.
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