बिहार में कमर पर चिपका कर हेरोइन ला रही लड़कियां, म्यंमार और बांग्लादेश तक जुड़े हैं तार

Smuggling in Bihar: चार साल से सक्रिय इनका नेटवर्क ट्रेन के जरिए करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ मंगवा चुका है. दोनों का एनसीबी और पुलिस अबतक सुराग ढूंढ़ रही है. पिछले दिनों ड्रग के साथ गिरफ्तार काजल के स्वीकारोक्ति बयान से इस सिंडिकेट का खुलासा हुआ.
Smuggling in Bihar: पटना. बिहार में ड्रग्स माफिया युवतियों को कैरियर एजेंट बनाकर ट्रेनों के जरिए करोड़ों रुपए की हेरोइन और चरस की खेप मंगवा रहे हैं. मुजफ्फरपुर में ऐसे दो सिंडकेट चल रहे हैं. दोनों के सिंडिकेट पर नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की नजर है. इनका रैकेट म्यंमार, बांग्लादेश से लेकर असम, मणिपुर, कटिहार, मुजफ्फरपुर और रक्सौल तक फैला हुआ है. पिछले दिनों इस रैकेट की एक सदस्य को कटिहार पुलिस ने गिरफ्तार किया. इस मामले में अब तक दो बार कटिहार पुलिस मुजफ्फरपुर आ चुकी है. अखाड़ाघाट रोड के राजू का सत्यापन स्थानीय पुलिस नहीं कर पाई. मुशहरी के विनोद चौधरी का हाईकोर्ट से भी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है. अब तक दोनों माफियाओं की गिरफ्तारी नहीं होने से सिंडिकेट अन्य सदस्यों का रहस्य बरकरार है.
रेल पुलिस ने किया था युवती को गिरफ्तार
मुझफ्फरपुर मुशहरी थाने के दरधा मोहम्मदपुर की काजल कुमारी को कटिहार रेल पुलिस ने अवध असम एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया. वह टी शर्ट के नीचे कमर के पास सेलो टेप से शरीर पर चिपका कर 450 ग्राम हेरोइन ला रही थी. उसे असम के दीमापुर में हेरोइन की खेप सौंपी गई थी. चार साल से सक्रिय इनका नेटवर्क ट्रेन के जरिए करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ मंगवा चुका है. दोनों का एनसीबी और पुलिस अबतक सुराग ढूंढ़ रही है. पिछले दिनों ड्रग के साथ गिरफ्तार काजल के स्वीकारोक्ति बयान से इस सिंडिकेट का खुलासा हुआ. यह सिंडिकेट ग्रामीण इलाके की युवतियों को कैरियर एजेंट बनाता है. हर खेप पर उसे मोटी रकम दी जाती है. असम में मणिपुर इलाके से बॉर्डर क्रॉस कर म्यंमार व बांग्लादेश की ओर से लाई गई हेरोइन, चरस, स्मैक आदि की खेप देश के अलग-अलग शहरों में भेजने का धंधा है.
सिंडिकेट के लोग करते हैं हर व्यवस्था
अखाड़ाघाट रोड का राजूमहतो मणिपुर इलाके में रहता है. वह वहीं से हेरोइन की खेप मुजफ्फरपुर सप्लाई करता है. काजल ने बताया कि युवतियों के लिए ट्रेन के टिकट से लेकर असम में होटल में रुकने तक की व्यवस्था की जाती है. काजल ने बताया कि उसे मुशहरी के विनोद चौधरी ने दीमापुर भेजा था. उसे एक मोबाइल भी दिया गया था. असम में पहुंचने के बाद राजू ने काजल से संपर्क किया था और उसे होटल में ठहरने की सारी व्यवस्था कराई थी. उसी होटल में जींस, टी शर्ट और जैकेट आदि मुहैया कराए गए. वहां महिला एक्सपर्ट ने उसके शरीर में हेराइन की खेप को सेलो टेप से चिपकाया था. इसके बाद होटल में ही ट्रेन के एसी बोगी का टिकट देकर काजल को रवाना किया गया था. इस सिंडिकेट में दर्जनों युवतियों के जुड़े होने का खुलासा हुआ है.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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