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जीनोमिक लैब के जूनियर रिसर्चर अब महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय से करेंगे शोध

Updated at : 24 Aug 2024 1:45 AM (IST)
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जीनोमिक लैब के जूनियर रिसर्चर अब महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय से करेंगे शोध

जीनोमिक लैब के जूनियर रिसर्चर अब महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय से करेंगे शोध

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-दोनों संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन पर हुआ हस्ताक्षर-इस वर्ष दो छात्रों को मिलेगी पी-एच.डी की सुविधा, अगले वर्ष से पांच छात्रों को अनुमति मुजफ्फरपुर. एसकेएमसीएच के जीनोमिक लैब में कार्यरत जूनियर रिसर्च फेलो अब मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में पी-एच.डी.कर सकेंगे. इस वर्ष से दो जूनियर रिसर्चर को पी-एच.डी. के लिए नामांकित किया जाएगा. अगले वर्ष से इस संख्या को बढ़ाकर पांच कर दी जाएगी. इसके लिए भाभा कैंसर अस्पताल व अनुसंधान केंद्र और महात्मा गांधी केेंद्रीय विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया. होमी भाभा कैंसर अस्पताल के प्रभारी अधिकारी डॉ. रविकांत सिंह और महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोध व विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. सुनील कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किया. यह समझौता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव के देखरेख में हुआ. डॉ. रविकांत सिंह ने बताया कि जीनोमिक लैब बिहार का एकमात्र लैब है, जहां जीनोमिक सीक्वेंसिंग की जाती है. यह लैब अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों से सुसज्जित है, जो कैंसर की जीनोमिक्स में महत्वपूर्ण शोध और विश्लेषण की सुविधा प्रदान करता है. इस समझौते के माध्यम से, जीनोमिक लैब में किए जा रहे शोध और अनुसंधान को राज्य के शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझा किया जाएगा, जिससे ज्ञानवर्धन और नवीनतम तकनीकों की जानकारी को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सकेगा. केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने कहा कि इस समझौते के अनुसार विश्वविद्यालय के छात्र भी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र के जीनोमिक लैब में जाकर वहां के अनुसंधान और प्रयोगशाला की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. इस सुविधा से केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रों को अनुसंधान में नई दिशा और अवसर मिलेंगे, जो उनके शैक्षणिक और पेशेवर विकास के लिए लाभकारी साबित होंगे. शोध एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह समझौता बिहार के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.इस मौके पर केंद्रीय विश्वविद्यालय में अकादमिक मामलों के निदेशक बृजेश पांडेय, मुख्य कुलानुशासक प्रो. प्रसून दत्त सिंह, विशेष कार्याधिकारी (प्रशासन) सच्चिदानंद सिंह और जनसंपर्क अधिकारी शेफालिका मिश्रा प्रमुख रूप से मौजूद थे.

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