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संस्कृत से ही भारतीय ज्ञान-परंपरा का संरक्षण

Updated at : 25 Dec 2025 8:36 PM (IST)
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संस्कृत से ही भारतीय ज्ञान-परंपरा का संरक्षण

Preservation of Indian knowledge tradition through Sanskrit

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डी 28 संस्कृत भारती ने आरएस कॉलेज में किया प्रबोधन वर्ग आयोजित उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर संस्कृत भारती, बिहार प्रांत के तत्त्वावधान में रामेश्वर महाविद्यालय में आवासीय प्रबोधन वर्ग आयोजित किया गया. उद्घाटन बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने किया. संस्कृत प्रेमियों, आचार्यों, कार्यकर्ताओं व पूरे प्रदेश से प्रशिक्षण लेने आये 100 से अधिक प्रतिभागी मौजूद रहे. मृत्युंजय ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दृष्टि, संस्कृति व मूल्यबोध की संवाहिका है. संस्कृत से ही भारतीय ज्ञान-परंपरा, दर्शन, विज्ञान, योग व नैतिकता का संरक्षण एवं प्रसार संभव है. मुख्य अतिथि बीआरएबीयू के कुलानुशासक प्रो विनय शंकर राय ने कहा कि संस्कृत हमारी संस्कृति है. विशिष्ट अतिथि कुलसचिव प्रो समीर शर्मा रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Vinay Kumar

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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