केबीसी से जीते साढ़ बारह लाख से बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाएंगे पारसमणि
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 27 Aug 2024 9:57 PM
केबीसी से जीते साढ़ बारह लाख से बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाएंगे पारसमणि
शहर में कवि के रूप में भी पहचान, अमिताभ को भी सुनायी कविता उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर कौन बनेगा करोड़पति से जीते 12.50 लाख से मालीघाट निवासी पारसमणि तीन बेटियों की शिक्षा पर खर्च करेंगे. इनकी बड़ी बेटी आइटीआइ में, दूसरी पॉलटेक्निक में और तीसरी बेटी छठी कक्षा में पढ़ रही है. पारसमणि ने कहा कि बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाना उनका सपना है. अर्थाभाव के कारण वे हमेशा सोचते थे कि बेटियों का अच्छा कॅरियर कैसे बनाएं. अब इस राशि से वे बेटियों को अच्छी तरह पढ़ाएंगे. केबीसी के फास्टेस्ट पांच राउंउ में सबसे जल्दी जवाब देने के लिए इन्हें विजेता चुना गया था. इसके बाद इन्हें केबीसी में अमिताभ बच्चे के सामने हॉट सीट पर बैठने का मौका मिला. कई राउंड खेलने के बाद ये महात्मा गांधी से जुड़े एक सवाल पर अटक गए और खेल से क्विट करने का फैसला किया. दो दिनों से केबीसी पर इस एपीसोड का प्रसारण किया जा रहा है. पारसमणि ने एलएस कॉलेज से मनोविज्ञान से स्नातक किया है. शहर में बतौर कवि के रूप में भी जाने जाते हैं. केबीसी में इन्होंने अमिताभ बच्चन को अपनी कविता अद्भुत टमटम सुनायी थी, जिसे उन्होंने काफी सराहा था. पारसमणि ने बताया कि एक दिन केबीसी के प्रसारण के बाद से शहर के लोग इन्हें पहचानने लगे हैं. मंगलवार को जब ये ऑटो लेकर निकले तो कई सवारी ने इनके साथ सेल्फी ली. काेरोना में बंद हुई दुकान, ऑटो चलाकर गुजारा पारसमणि की मोतीझील में मोबाइल की दुकान थी. वर्ष 2020 में कोरोना के समय वह दुकान बंद हो गयी. दुकान बंद रख कर इन्हें हर महीने किराया चुकाना पड़ा. इससे इनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गयी थी. कोरोना के बाद इन्होंने एक ऑटो खरीदा और खुद से चलाने लगे. फिलहाल इनकी कमाई का यही जरिया है. ये रोज ऑटो चलाकर 500 से 700 रुपए कमाते हैं. इन्हीं रुपयों से इनके परिवार का गुजारा होता है. पारसमणि वर्ष 2004 से ही केबीसी में जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल रहा था. घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के बाद भी उन्होंने अपने सपने को खुद से दूर नहीं किया और लगातार जीएस की पढ़ाई करते रहे. इन्होंने अपने ऑटो में साउंड बॉक्स लगा रखा है, जिस पर गाड़ी चलाते वक्त भी यूट्यूब से जीएस से जुड़ी चीजें सुनते थे.
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