उत्तर बिहार में चमकी बुखार पर लगेगी लगाम, सभी 12 जिलों में लागू हुआ 'मुजफ्फरपुर मॉडल'
Published by : सुनील कुमार सिंह Updated At : 21 May 2026 8:50 AM
एइएस के पीड़ित बच्चे की प्रतीकात्मक तस्वीर
Muzaffarpur News: उत्तर बिहार में मासूमों की जान लेने वाली बीमारी एईएस पर लगाम कसने के लिए 'मुजफ्फरपुर मॉडल' लागू किया गया है. सघन जागरूकता और त्वरित इलाज की इस रणनीति से पिछले चार सालों में क्षेत्र में एक भी बच्चे की मौत नहीं हुई है. पढ़ें पूरी खबर…
Muzaffarpur News: उत्तर बिहार के 12 जिलों में मासूमों के लिए काल बन चुकी बीमारी एईएस (एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम) से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्ययोजना तैयार की है. मुजफ्फरपुर जिले में इस बीमारी पर नियंत्रण पाने में मिली बड़ी सफलता को देखते हुए अब पूरे उत्तर बिहार में ‘मुजफ्फरपुर मॉडल’ को अपनाया जा रहा है. इसी सफल मॉडल के आधार पर अन्य प्रभावित जिलों में भी विशेष अभियान चलाकर एईएस पर काबू पाया जा रहा है.
‘सक्सेस बुकलेट’ से मिलेगी मदद, डीएम करेंगे मॉनिटरिंग
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने मुजफ्फरपुर में चल रहे अभियान से जुड़े अनुभवों, कार्रवाइयों और रणनीतियों का एक विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर सभी प्रभावित जिलों को भेजा है. इसके तहत साल 2020 के सफल अभियानों और जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों का एक ‘सक्सेस बुकलेट’ बनाया गया है. इस बुकलेट में उन सभी महत्वपूर्ण कदमों और जीवनरक्षक उपायों को दर्ज किया गया है, जो एईएस की रोकथाम में सबसे ज्यादा उपयोगी साबित हुए. इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिलाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष मॉनिटरिंग कमेटी का गठन भी किया गया है.
क्यों खास है मुजफ्फरपुर मॉडल, बीते चार सालों में शून्य मौतें
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मुजफ्फरपुर में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए सघन जागरूकता अभियान और त्वरित इलाज की पुख्ता व्यवस्था के कारण साल 2020 में एईएस से होने वाली मौतों का आंकड़ा सिमटकर मात्र 14 रह गया था. इसी बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए सरकार ने इसे बाकी 11 प्रभावित जिलों में भी लागू किया है. इस मॉडल का असर है कि पिछले चार सालों से उत्तर बिहार में एईएस पीड़ित एक भी बच्चे की मौत नहीं हुई है और पीड़ित बच्चों की संख्या में भी भारी कमी आई है.
इस साल अभी तक कहां कितने बच्चे हुए पीड़ित (आंकड़े)
उत्तर बिहार में अब तक एईएस के कुल 31 मामले सामने आए हैं, जिनका जिलावार विवरण इस प्रकार है. मुजफ्फरपुर में सबसे अधिक 17 बच्चे पीड़ित हुए हैं. इसके बाद शिवहर में 05, पूर्वी चंपारण में 04, और सीतामढ़ी में 02 बच्चे इस बीमारी की चपेट में आए हैं. वहीं पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज और सारण में 01-01 मामला सामने आया है, जबकि वैशाली जिले में अब तक एईएस का कोई भी मामला (00) दर्ज नहीं हुआ है.
मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
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सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।
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