मुजफ्फरपुर: 'साहित्य विहीन समाज पर कटे पक्षी की तरह', साहित्य सम्मेलन में बोले प्रबुद्ध जन
हिंदी साहित्य सम्मेलन की ओर से आयोजित बैठक
Muzaffarpur News: जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन की बैठक में वक्ताओं ने साहित्य विहीन समाज को पर कटे पक्षी की तरह बताया. बैठक में जिले के साहित्यकारों के लिए 'साकल्य' पत्रिका और अन्य कृतियों के प्रकाशन को गौरवपूर्ण कदम घोषित किया गया. पढ़ें पूरी खबर…
मुजफ्फरपुर से विनय की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: सराय सैयद अली स्थित उमानाथ सिंह के आवास पर रविवार को जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. चित्तरंजन सिन्हा कनक की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के नामचीन साहित्यकारों और विचारकों ने शिरकत की और समाज में साहित्य की महत्ता पर गंभीर चर्चा की.
साहित्य विहीन समाज पर कटे पक्षी का पर्यायवाची: उदय नारायण सिंह
बैठक में सदस्यों का स्वागत करते हुए और विषय प्रवेश कराते हुए सम्मेलन के प्रधानमंत्री उदय नारायण सिंह ने एक बेहद मार्मिक बात कही. उन्होंने कहा कि साहित्य धूप तले की छांह के समान है और साहित्य की साधना वास्तव में ब्रह्म की साधना है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो समाज साहित्य से विहीन हो जाता है, उसकी भूमिका समाज में एक ‘पर कटे पक्षी’ की तरह लाचार और बेबस हो जाती है.
‘साकल्य’ पत्रिका का प्रकाशन जिला के साहित्यकारों के लिए बड़ी खुशखबरी
सम्मेलन के अध्यक्ष चित्तरंजन सिन्हा कनक ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा ‘साकल्य’ पत्रिका का प्रकाशन किया जा रहा है, जो जिले के तमाम साहित्यकारों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. डॉ. विनोद कुमार सिन्हा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस अनूठी साहित्यिक कृति के साथ जिले का नाम कनक (सोने) की तरह चमकेगा.
नाम के अनुरूप शुद्ध, बुद्ध और श्रेष्ठ है ‘साकल्य’
विदुषी प्रियंवदा दास ने पत्रिका पर अपने विचार रखते हुए कहा कि ‘साकल्य’ महज नाम का साकल्य नहीं है, बल्कि यह अपने साहित्यिक रूप में पूरी तरह शुद्ध-बुद्ध और श्रेष्ठ है. वहीं डॉ. लोकनाथ मिश्र ने कहा कि यह पत्रिका अपने गुण और कर्म के पूरी तरह अनुकूल है. डॉ. हरिकिशोर प्रसाद सिंह ने इसे गौरव की बात बताते हुए कहा कि ‘साकल्य’ के साथ-साथ जिले के कीर्तिशेष (दिवंगत) साहित्यकारों की कृतियों को भी पुस्तक रूप में सामने लाना सम्मेलन के लिए एक ऐतिहासिक कदम है.
बैठक में ये प्रबुद्धजन रहे शामिल
इस विशेष बैठक में प्रेम कुमार वर्मा, देवेंद्र कुमार, डॉ. बीरेंद्र कुमार मल्लिक, मधुमंगल ठाकुर, रमेश प्रसाद श्रीवास्तव, उमा शंकर चौरसिया, रामचंद्र सिंह, सतीश कुमार और समुंद्र प्रसाद साह ने भी अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए. बैठक के अंत में उमानाथ सिंह ने सभी आगंतुक अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया.
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By सुनील कुमार सिंह
सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।
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