ePaper

Hartalika Teej 2024: मुजफ्फरपुर में तीज पूजा की खरीदारी से रहा रौनक, इस इलाके में घंटो तक लगा जाम

Updated at : 05 Sep 2024 8:52 PM (IST)
विज्ञापन
Hartalika Teej 2024: मुजफ्फरपुर में तीज पूजा की खरीदारी से रहा रौनक, इस इलाके में घंटो तक लगा जाम

Hartalika Teej 2024: मुजफ्फरपुर में तीज और चौठचंद्र की पूजा की खरीदारी के लिए गुरुवार को बाजार में रौनक रही. कपड़ों के अलावा पूजन-सामग्री, कुल्हड़ और फलों की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी.

विज्ञापन

Hartalika Teej 2024: मुजफ्फरपुर में तीज और चौठचंद्र की पूजा की खरीदारी के लिए गुरुवार को बाजार में रौनक रही. कपड़ों के अलावा पूजन-सामग्री, कुल्हड़ और फलों की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी. सरैयागंज चौक से टावर चौक तक सड़क के दोनों तरफ पूजन सामग्री की दुकानों के अलावा फुटपाथ पर सजे स्टॉल से अच्छी बिक्री हुई.

इस रोड में कई बार लगा जाम

सुबह से देर रात तक यहां महिलाएं खरीदारी करती रही. ग्राहकों की भीड़ के कारण इस रोड में कई बार जाम लगा. इसके अलावा किराना दुकानों में भी तीज के प्रसाद बनाने के लिए मैदा, सुज्जी, डालडा, रिफाइन, घी, चीनी और ड्राइ फ्रूट्स की खरीदारी के लिए भीड़ रही. पर्व के कारण फलों के दाम भी अन्य दिनों की अपेक्षा काफी बढ़े हुए थे. व्रतियों ने अपने सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी की.

लाल रंग की डलिया की सबसे अधिक डिमांड

बाजार में तीज के लिए लाल रंग की डलिया की सबसे अधिक डिमांड रही. हर मोहल्ले में लगे पूजन स्टॉल से डलिया की जमकर बिक्री हुई. तीज करने वाली हर महिलाओं ने कम से कम दो डलिया की खरीदारी की. बाजार में इसकी इतनी मांग रही कि कई स्टाॅल से डलिया खत्म हो गए. शहर के सभी दउरा और सूप बनाने वाले कारीगर पिछले दो महीने से लगातार डलिया बना रहे थे. शहर से लेकर गांव तक इसकी अच्छी डिमांड रही.

कारीगर रधिया देवी ने बताया

बाजार में गुरुवार को डलिया की कीमत में उछाल रही. 30 रुपए जोड़ा बिकने वाले डलिया की कीमत 50 रुपए तक पहुंच गयी. डलिया निर्माण करने वाले कारीगर दिन-रात डलिया बनने के बाद उसकी लाल रंग से रंगाई करने में जुटे थे. पुरानी गुदड़ी रोड की कारीगर रधिया देवी ने बताया कि तीज के लिए हमलोग डलिया बना रहे थे. दो-चार दिनों के बाद से सूप-दउरा बनाने में जुट जाएंगे

दो दिनों में बिक गया आठ लाख किलो सेब

तीज ओर चौठचंद्र के लिए बाजार समिति से दो दिनों में आठ लाख किलो सेब की बि्क्री हुई है. करीब चार छह ट्रक केले की भी खपत हुई है. शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में दोनों पर्व के लिए फलों की अच्छी डिमांड है. मांग बढ़ने से दो दिनों में फलों की कीमत भी काफी बढ़ गयी. दो दिन पहले 30 रुपए दर्जन बिकने वाला केला गुरुवार को 60 रुपए दर्जन बिका.

शिमला से 20 ट्रक सेब उतरा

पर्व को लेकर इस बार शिमला से 20 ट्रक सेब उतरा है. यहां पश्चिम बंगाल और असम से केला पहंच रहा है. महाराष्ट्र से यहां अनार भी पहुंच रहा है. एक ट्रक में दो हजार किलो अनार आ रहा है. बाजार समिति के दुकानदारों का कहना है कि पर्व को लेकर फलों की खेप बढ़ी है. पर्व को लेकर फल मंडी का बाजार फिलहाल ग्रोथ पर है.

Also Read: बेगुसराय में अर्धनग्न स्थिति में मिला महिला का शव, पुलिस मामले की जांच में जुटी

टेलरिंग शॉप पर महिलाओं की रही भीड.

पर्व को लेकर टेलरिंग शॉप पर महिलाओं की अधिक भीड़ रही. शहर के मुख्य बाजार में चल रहे लेडिज टेलरिंग शॉप के अलावा गली-मोहल्लों में खुले शॉप पर साड़ी में पीकू कराने और ब्लाउज सिलाने के लिए महिलाओं की भीड़ लगी थी. अधिकतर महिलाएं साड़ी ब्लाउज लेने पहुंची थी तो कुछ सिलाने के लिए आयी थी.

जेल रोड की लेडिज टेलर पूजा साहू ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से पर्व को लेकर पीकू और ब्लाउज के ऑर्डर आ रहे हैं. गुरुवार को भी कई महिलाएं पहुंची थी, लेकिन पहले से अधिक ऑर्डर होने के कारण उन्हें वापस करना पड़ा.

ये भी देखें : Monkey Pox Virus को लेकर बिहार में अलर्ट, एयरपोर्टों पर डॉक्टरों की लगाई गई ड्यूटी

विज्ञापन
Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन