मुजफ्फरपुर नगर निगम में GST के नाम पर लाखों का घोटाला, महापौर के एक्शन से मचा हड़कंप

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Bihar News: मुजफ्फरपुर नगर निगम में एक और घोटाले का खुलासा हुआ है. GST के नाम पर बड़ी हेराफेरी सामने आई है, जिससे नगर निगम में हड़कंप मच गया है. पहले भी कई घोटालों में घिरा निगम फिर सवालों के घेरे में है.

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Bihar News: मुजफ्फरपुर नगर निगम में 63.01 लाख रुपये के GST घोटाले का खुलासा होने के बाद नगर निगम का माहौल गरम हो गया है. निगम के अंदर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. यह घोटाला सिर्फ एक मद में हुआ है, लेकिन आशंका है कि महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद करोड़ों रुपये की गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं. इसमें कई अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठ सकते हैं.

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सच्चाई को दबाने की कोशिश, महापौर ने जताई नाराजगी

घोटाले के खुलासे के बाद इसे दबाने की कोशिशें की जा रही हैं. दूसरी ओर, नगर निगम प्रशासन इसे सार्वजनिक करने की बात कर रहा है. महापौर निर्मला साहू ने इस पर नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है. उनका कहना है कि उन्हें पहले से घोटाले की जानकारी थी, लेकिन यह समझ से बाहर है कि इसे क्यों छिपाया जा रहा है.

महापौर ने बताया कि नगर निगम से कई बार महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट की मांग की गई थी, लेकिन अधिकारी इसे दबाते रहे. अब जब राज्य सरकार ने रिपोर्ट तलब की है, तो नगर निगम के पास कोई विकल्प नहीं बचा है. ऐसा लग रहा है कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी खुद को बचाने के लिए जांच रिपोर्ट भेजने में देरी कर रहे हैं. महापौर ने जल्द ही इस मामले में एक बड़ी बैठक बुलाने की बात कही है.

नगर निगम का घोटालों से पुराना नाता, पहले भी हो चुके हैं बड़े घोटाले

मुजफ्फरपुर नगर निगम में पहले भी बड़े घोटाले हो चुके हैं. इससे पहले ऑटो टिपर खरीद में करीब 3.75 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था, जिसमें नगर आयुक्त, एडीएम और कार्यपालक अभियंता समेत कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी. कुछ को नौकरी से हाथ धोना पड़ा, तो कुछ पर कानूनी शिकंजा कस गया.

सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने तक कई अधिकारी इधर-उधर भागते रहे. इसके अलावा, डस्टबिन, सुपर सकर मशीन, स्ट्रीट लाइट और बिजली पोल की नंबरिंग में भी घोटाले हो चुके हैं. हालांकि, बाद में आईएएस अधिकारियों की तैनाती के बाद स्थिति थोड़ी सुधरी. लेकिन, अब GST घोटाले के बाद नगर निगम एक बार फिर से घोटालों की वजह से चर्चा में है.

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नगर निगम पर बढ़ता दबाव, अब क्या होगा आगे?

GST घोटाले के बाद नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं. अब देखना यह है कि इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई होती है या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है. महापौर ने साफ कर दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. अब यह राज्य सरकार और नगर निगम प्रशासन पर निर्भर करता है कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं.

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