सावन में प्रसाद, होटल और शिविर संचालकों के लिए FSSAI की ट्रेनिंग अनिवार्य

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होटल और शिविर संचालकों के लिए FSSAI की ट्रेनिंग अनिवार्य

सावन में प्रसाद और होटल संचालकों के लिए एफएसएसएआइ की ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी गई है। नियमों का पालन न करने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई।

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FSSAI Mandatory Training For Sawan: इस साल सावन माह में बाबा गरीबनाथ धाम आने वाले भक्तों को मिलावट रहित और स्वच्छ प्रसाद व भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. सावन में प्रसाद की दुकान खोलने वाले, सेवा शिविर और होटल का संचालन करने वाले संचालकों और कारीगरों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके बिना वे दुकानों व होटलों का संचालन नहीं कर सकेंगे. फूड सेफ्टी विभाग अगले सप्ताह से शहर में एक विशेष सर्वे शुरू करेगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि सावन माह में कुल कितनी प्रसाद दुकानें, होटल और सेवा शिविर संचालित होने वाले हैं. सर्वे पूरा होने के बाद सभी दुकानदारों और शिविर संचालकों को नोटिस भेजकर अनिवार्य रूप से ट्रेनिंग लेने का निर्देश दिया जाएगा.

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थिवास इंटरनेशनल कंपनी को मिली जिम्मेदारी

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत बनाए गए इस विशेष एसओपी की ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी 'थिवास इंटरनेशनल' कंपनी को सौंपी गई है. जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुदामा चौधरी ने बताया कि मिलावट और साफ-सफाई की कमी से होने वाली बीमारियों पर अंकुश लगाने तथा ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण खानपान सेवा उपलब्ध कराने के लिए अब ट्रेनिंग को अनिवार्य किया गया है. जो लोग इस नियम का उल्लंघन करेंगे और बिना ट्रेनिंग दुकान चलाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भारी दंड का भी प्रावधान है.

निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि लिखना हुआ अनिवार्य

नए नियमों के अनुसार, अब बेचने के लिए रखे गए सभी खाद्य पदार्थों और प्रसाद के पैकेटों पर निर्माण की तिथि (Manufacturing Date) और उपयोग की अंतिम तिथि (Expiry Date) स्पष्ट रूप से दर्ज करना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही पूरी व्यवस्था का हाइजीनिक होना जरूरी है.भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया गया है. जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुदामा चौधरी के नेतृत्व में चार दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें थिवास इंटरनेशनल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर संचालकों को प्रशिक्षित करेंगे. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद होटल और दुकान संचालकों को 'फोस्टैक' (FoSTaC) का प्रमाण-पत्र वितरित किया जाएगा.

वेटरों और कारीगरों के लिए बेहद सख्त नियम

होटल और शिविरों में खाना बनाने वाले कारीगरों और टेबल पर खाना सर्व करने वाले वेटरों के लिए भी सख्त गाइडलाइंस तय की गई हैं, जिनका पालन न करने पर प्रबंधन पर सीधे कार्रवाई होगी:

वेटर या कारीगर के सिर के बाल टोपी (Cap) से बाहर नहीं दिखने चाहिए. वेटर के नाखून बड़े या रंगे हुए (Nail Polish) नहीं होने चाहिए. यदि शरीर के किसी हिस्से में कोई जख्म या चोट है, तो वह खुला नहीं होना चाहिए बल्कि पट्टी से ढका होना अनिवार्य है. ड्यूटी के दौरान महिला वेटरों को कान की बालियां और गले का हार पहनने की मनाही है. कोई भी वेटर घड़ी या अन्य गहने पहनकर सेवा नहीं दे सकेगा. वेटरों के कपड़े पूरी तरह साफ होने चाहिए और उनके कपड़ों में बाहर की तरफ कोई जेब या अतिरिक्त सामान नहीं होना चाहिए, ताकि खाने में किसी बाहरी वस्तु के गिरने का खतरा न रहे.

इन 8 प्रमुख बिंदुओं पर दी जाएगी ट्रेनिंग

  1. दुकान में उपलब्ध सेवाएं
  2. फूड ऑपरेशनल एंड कंट्रोल (खाद्य संचालन और नियंत्रण)
  3. मैनेजमेंट एंड सुपरविजन (प्रबंधन और पर्यवेक्षण)
  4. फूड टेस्टिंग ट्रेनिंग (खाद्य परीक्षण प्रशिक्षण)
  5. ऑडिट डॉक्यूमेंट्स एंड रिकॉर्ड (दस्तावेज और रिकॉर्ड का रख-रखाव)
  6. सेनिटेशन एंड मेंटेनेंस (स्वच्छता और रखरखाव)
  7. हाइजीन (साफ-सफाई) की व्यवस्था
  8. प्रोडक्ट इंफॉर्मेशन एंड कंज्यूमर अवेयरनेस


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