छात्रा से अश्लील हरकत करने के केस में दोषी

Convicted in a case of indecent behavior with a student
सजा के बिंदु पर विशेष कोर्ट पाक्सो एक्ट एक के जज 12 को करेंगे सुनवाईसंवाददाता, मुजफ्फरपुर
सकरा थाना क्षेत्र में रहनेवाली छह साल की छात्रा से 11 वर्ष पूर्व अश्लील हरकत करने के मामले में वैशाली के गोरौल निवासी निजी शिक्षक वरूण कुमार को दोषी करार दिया है. सत्र-विचारण के बाद विशेष कोर्ट पाॅक्सो एक्ट एक के जज धीरेंद्र मिश्र ने उसे दोषी करार दिया. अब सजा के बिंदु पर 12 दिसंबर को सुनवाई होगी.विशेष लोक अभियोजक (पाॅक्सो) नरेंद्र कुमार ने विशेष कोर्ट के समक्ष आठ गवाहों और घटना से जुड़े साक्ष्यों को पेश किया. आरोपित के विरुद��ध केस के जांच अधिकारी ने 29 फरवरी 2016 को आरोप पत्र दायर किया था. सात अक्तूबर 14 को पीड़िता के पिता ने सकरा थाने में प्राथमिकी करायी थी. इसमें कहा था कि वह अपने घर पर आरोपित को बुलवाकर बेटी को ट्यूशन पढ़वाते थे. छह अक्तूबर को उनकी पत्नी को बेटी ने बताया कि शिक्षक ने अश्लील हरकत की है. इसकी जानकारी उन्हें हुई तो वह आरोपित के घर गये. वहां उसके परिजन से आरोपित की शिकायत की. इसके बाद आरोपितों ने उल्टे उनके घर आकर उनके साथ गाली-गलौज कर मारने-पीटने की धमकी दे दी.
::::::::::::::::::::::::::::::::::तस्कर को 15 वर्ष कारावास की सजा
चरस व कट्टा जब्ती का मामला, साढे़ चार वर्ष पूर्व बखरी चौक से किया गया था गिरफ्तारविशेष कोर्ट एनडीपीएस एक्ट दो के जज ने सुनायी सजामुजफ्फरपुर.
अहियापुर थाना के बखरी इलाके से साढे़ चार वर्ष पूर्व एक किलो चरस, कट्टा व कारतूस के साथ पकड़े गये वैशाली के विदुपुर थाना के रामदौली निवासी गिरफ्तार अभिषेक कुमार सिंह को सजा सुनायी गयी. उसे तीन धाराओं में सजा सुनायी है. इसमें एनडीपीएस एक्ट के तहत 15 वर्ष कठोर कारावास व 1.50 लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया. अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी. इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की दूसरी धारा में 15 वर्ष का कठाेर कारावास के साथ 1.50 लाख रुपये अर्थदंड की सजा दी गयी. अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतनी होगी. आर्म्स एक्ट की धारा में तीन वर्ष का कठोर कारावास के साथ 50 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनायी. अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर चार माह अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगीं. सत्र-विचारण के बाद विशेष कोर्ट एनडीपीएस एक्ट दो के जज नरेंद्र पाल सिंह ने यह सजा सुनायी. विशेष लोक अभियोजक मुकेश प्रसाद सिंह ने पांच गवाहों को पेश किया. आइओ ने उसके विरुद्ध 22 जून 21 को चार्जशीट दाखिल किया था.यह था मामला
तत्कालीन अहियापुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार रजक ने अपने बयान पर 26 मार्च 21 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें वैशाली के विदुपुर थाना के रामदौली के रहने वाले तस्कर अभिषेक कुमार सिंह को नामजद किया था. प्राथमिकी में कहा था कि उन्हें 26 मार्च को भारत फाइनेंस बैंक से लूटपाट करने वाले उक्त आरोपित के बखरी चौक से कहीं और जाने की सूचना मिली. त्वरित कार्रवाई करते हुए जवानों के साथ घेराबंदी कर आरोपित को पकड़ा गया. तलाशी लेने पर उसके पास से एक किलो चरस, कट्टा व गोली मिली. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सभी सामान जब्त कर लिये. पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया कि 24 दिसंबर 20 को सहबाजपुर के राघवपुर के भारत फाइनेंस बैंक के कर्मियों से पिस्टल दिखाकर लूटपाट की थी. घटना में छह लाख से अधिक रुपये लूटे थे.
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By Premanshu Shekhar
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