Prabhat Khabar Effect: मुर्दा को मिल रहे पेंशन पर लगी रोक, तीन साल से हर महीने क्रेडिट हो रहा था 400 रुपये
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 03 Jun 2025 8:50 PM
सांकेतिक फोटो
Prabhat Khabar Effect: प्रभात खबर में प्रमुखता से छपी खबर के बाद हरकत में आये नगर निगम प्रशासन ने सामाजिक सुरक्षा कोषांग के ई-लाभार्थी पोर्टल पर डेथ सर्टिफिकेट के साथ बुजुर्ग महिला के पुत्र की तरफ से दिये गये आवेदन के आधार पर पेंशन राशि बैंक अकाउंट में क्रेडिट नहीं हो. इसके लिए रोक लगा दिया है.
Prabhat Khabar Effect, वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर: लगभग तीन साल पहले दिवंगत हो चुकी एक बुजुर्ग महिला के बैंक खाते में लगातार क्रेडिट हो रहे 400 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन को रोक दिया गया है. इसके बाद मृत महिला के शिकायतकर्ता पुत्र ने राहत की सांस ली है. उसने कहा कि मई महीने का पेंशन नहीं आया है. इससे ऐसा प्रतीत होता है कि मेरे शिकायत के बाद अखबार में छपी खबर के बाद नगर निगम कार्रवाई करते हुए पेंशन की राशि पर रोक लगा दिया है.
17,000 रुपये से अधिक की राशि हुई जमा, अब होगी वापसी
फरवरी 2022 में ही लाभार्थी बुजुर्ग महिला का निधन हो चुका था. महिला के पुत्र निरंजन प्रसाद गुप्ता ने बताया कि उनकी मां के बैंक अकाउंट में उन्हीं का मोबाइल नंबर दर्ज था, जिसके कारण उन्हें अप्रैल महीने तक पेंशन क्रेडिट होने के मैसेज प्राप्त होते रहे. इस तरह मृतका के खाते में कुल 17,000 रुपये से अधिक की पेंशन राशि जमा हो चुकी है.
नगर निगम प्रशासन ने सामाजिक सुरक्षा कोषांग के ई-लाभार्थी पोर्टल पर मृत्यु प्रमाण पत्र और बुजुर्ग महिला के पुत्र द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर पेंशन राशि को बैंक खाते में क्रेडिट होने से रोक दिया है. अब इस जमा राशि को सरकार के खाते में वापस करने के लिए बैंक को प्रक्रिया शुरू करनी होगी.
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पूर्व महापौर ने उठाई आवाज, सिस्टम पर सवाल
यह मामला मुजफ्फरपुर के वार्ड नंबर 04 का है, जिसे पूर्व महापौर सुरेश कुमार ने उजागर किया था. उन्होंने इस घटना को नगर निगम की “घोर लापरवाही और वित्तीय अनियमितता” करार दिया. सुरेश कुमार ने सवाल उठाया कि जहां एक ओर जीवित व्यक्ति पेंशन के लिए तरस रहे हैं, वहीं एक मृत महिला को लगातार पेंशन मिलती रही.
उन्होंने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करने के बावजूद नगर निगम का सिस्टम तीन साल तक इस गलती को क्यों नहीं पकड़ पाया. हालांकि, अख़बार में खबर छपने के बाद नगर निगम ने इस त्रुटि को सुधार लिया है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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