मुजफ्फरपुर में बनेगा जैव विविधता पार्क, तेज हुई जमीन की तलाश

Updated at : 17 Feb 2025 1:25 AM (IST)
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मुजफ्फरपुर में बनेगा जैव विविधता पार्क, तेज हुई जमीन की तलाश

मुजफ्फरपुर में बनेगा जैव विविधता पार्क, तेज हुई जमीन की तलाश

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-वन एवं पर्यावरण विभाग से होगा पार्क का निर्माण, गया में है बिहार का पहला जैव विविधता पार्क-डीएम ने सभी सीओ को पंद्रह दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्र के खाली पड़े जमीन को चिह्नित कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया

मुजफ्फरपुर.

बिहार के गया की तर्ज पर मुजफ्फरपुर में भी जैव विविधता पार्क का निर्माण होगा. इसके लिए जिले में जमीन की तलाश तेज हो गयी है. जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने सभी सीओ को एक पखवाड़े के भीतर जमीन चिह्नित कर खाता, खेसरा व रकबा सहित रिपोर्ट देने का आदेश दिया है. जैव विविधता पार्क के निर्माण के पीछे दुर्लभ, संकटग्रस्त एवं विलुप्तप्राय वनस्पति प्रजाति को संरक्षण करना है. साथ ही पर्यावरण, संस्कृति, और शिक्षा के क्षेत्र में भी इस पार्क के निर्माण से मुजफ्फरपुर सहित उत्तर बिहार के लोगों को काफी फायदा होगा. बता दें कि राज्य का पहला जैव विविधता पार्क गया के डोभी के पिपरघट्टी एनएच 2 के किनारे वन विभाग के बेकार पड़ी जमीन पर वन एवं पर्यावरण विभाग ने वर्ष 2016 में कराया था, जिसका निर्माण 63.85 एकड़ भूमि में है. जैव विविधता पार्क, जैव विविधता को संरक्षित करने और बढ़ाने के लिए बनाए गए संरक्षित क्षेत्र होते हैं. ये पार्क, कई तरह के पौधों और जानवरों का घर होते हैं. बता दें कि पार्क का निर्माण वन एवं पर्यावरण विभाग से होना है. जमीन चिह्नित कर सरकार को भेजी जायेगी. इसके बाद राशि का आवंटन होगा.

जैव विविधता पार्क के फायदे

– कार्बन को अलग करते हैं और जलभृतों को फिर से भरते हैं

– शहरी समाज को शैक्षिक और मनोरंजक लाभ देते हैं.

– संरक्षण शिक्षा को बढ़ावा देते हैं.

– पर्यावरण की गुणवत्ता और संरक्षण नैतिकता को बेहतर बनाते हैं.

आद्रभूमि वाले नरसन, नेकनामपुर सहित कई मन का होगा सीमांकन

डीएम ने जिले में अवस्थित आद्रभूमि वाले इलाके की पैमाइश करा सीमांकन का आदेश दिया है. दोनों एसडीओ को समय-समय पर समीक्षा कर इस कार्य को कराने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. बता दें कि मुजफ्फरपुर में मुसहरी प्रखंड अंतर्गत बूढ़ी गंडक नदी से सटे मनिका मन है, जिसका क्षेत्रफल 105 हेक्टेयर का है. इसके अलावा कांटी प्रखंड में कोठिया मनशरीफ है, जिसका क्षेत्रफल 155 हेक्टेयर का है. इसी तरीके से मड़वन व सरैया प्रखंड के बीचों-बीच 345 एकड़ में बनियाराही मन अवस्थित है. मड़वन, कुढ़नी एवं सरैया प्रखंड क्षेत्र में नरसन चौर है, जिसका क्षेत्रफल 205 हेक्टेयर है. पारू प्रखंड में नेकनामपुर चौर है, जिसका क्षेत्रफल 220 हेक्टेयर का है. डीएम ने संबंधित अंचल के सीओ को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए सीमांकन का आदेश दिया है.

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