डिप्लोमा का प्रमाणपत्र दिखा बन गये शिक्षक, विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण

डिप्लोमा का प्रमाणपत्र दिखा बन गये शिक्षक, विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण
-24 घंटे में उत्तर नहीं देने पर शिक्षक के खिलाफ शुरू की जाएगी एकतरफा कार्रवाई मुजफ्फरपुर. बिहार लोक सेवा आयोग से पहले व दूसरे चरण में विभाग के फूंक-फूंककर कदम रखने के बाद भी गड़बड़ी रह गयी. मानक के अनुसार प्रमाणपत्र नहीं होने के बाद भी जिले में कई शिक्षक नियुक्त हो गये. काउंसलिंग के बाद उन्होंने विद्यालय में योगदान दिया और वेतन भी पा रहे. अब सत्यापन के क्रम में उनके प्रमाणपत्र में गड़बड़ी मिली है. विभाग के स्तर से संबंधित शिक्षकों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया है. जिले में प्लस टू विद्यालयाें में नियुक्त 2 शिक्षकाें से स्पष्टीकरण मांगा गया है. दोनों शिक्षक कंप्यूटर साइंस में नियुक्त हैं. इनके पास डिप्लाेमा का सर्टिफिकेट है. इनकी नियुक्ति पर यह सवाल उठ रहा है कि डिप्लाेमा का प्रमाणपत्र लेकर ये प्लस टू में कैसे नियुक्त हो गये. पारू प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय जयमल डुमरी में नियुक्त अंशु माला व साहेबगंज प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय परसाैनी इईसी में नियुक्त सुजीत कुमार से जवाब तलब किया गया है. इन्हें कहा गया है कि 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण दें. उस समय वेबसाइट पर अपलोड प्रमाणपत्रों का वाटरमार्क के साथ सत्यापन किया गया. अब शिक्षकों के सभी प्रमाणपत्रों की जांच हो रही है. इसी दौरान शिक्षक के प्रमाणपत्र पर सवाल उठा है. जवाब नहीं देने की स्थिति में विभाग की ओर से एकतरफा कार्रवाई शुरू की जाएगी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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