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पुष्य नक्षत्र के संयोग में 14 जनवरी को मकर संक्रांति

Updated at : 11 Jan 2025 8:58 PM (IST)
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पुष्य नक्षत्र के संयोग में 14 जनवरी को मकर संक्रांति

इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनायी जाएगी.

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उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुरइस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनायी जाएगी. इस दिन पुष्य नक्षत्र का अद्भुत संयाेग भी होगा. पं. प्रभात मिश्रा व आचार्य दिलीप मिश्र के अनुसार मकर संक्रांति हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में एक है. सूर्य जब धनु राशि छोड़ मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो यह पर्व मनाया जाता है. इस बार सूर्य 14 जनवरी की दोपहर 3.17 मिनट के बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे. इस दिन गंगा स्नान, पूजा, जप-तप और दान करने का विधान है. शास्त्रों में निहित है कि मकर संक्रांति तिथि पर सूर्य उत्तरायण होते हैं. यह समय देवताओं का होता है. इस दौरान प्रकाश में वृद्धि होती है.

अमोघ फल की प्राप्ति

धार्मिक मत है कि मकर संक्रांति तिथि पर स्नान-ध्यान कर पूजा-पाठ करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि मकर संक्रान्ति से सूर्य उत्तरायण होने लगते हैं तब देवताओं का सूर्योदय होता है और दैत्यों का सूर्यास्त होने के साथ ही उनकी रात्रि प्रारंभ हो जाती है. उत्तरायण में दिन बडे़ और रातें छोटी होती हैं. दरअसल, भगवान सूर्य बारह राशियों में एक-एक माह विराजते हैं, जब सूर्य कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक,और धनु राशि में रहते हैं तो इस काल को दक्षिणायन कहते हैं. इसके बाद सूर्य मकर, कुंभ, मीन, मेष, वृष और मिथुन राशि में एक-एक माह रहते हैं. मकर संक्रांति में खिचड़ी का भी महत्व है. यह दिन इसे बनाने, खाने और दान करने के लिए खास है. इसी वजह से इसे कई जगहों पर खिचड़ी भी कहा जाता है. मान्यता है कि चावल चंद्रमा, काली उड़द की दाल शनि और हरी सब्जियां बुध का प्रतीक है. कहते हैं मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने से कुंडली में ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है, इसलिए इस मौके पर चावल, काली दाल, नमक, हल्दी, मटर और सब्जियां डालकर खिचड़ी बनाई जाती है.

सुबह 9.12 से शाम 5.17 तक पुण्य कालइस बार पुण्यकाल 14 जनवरी को सुबह 9.12 बजे से शुरू हो जाएगा, जो सूर्यास्त शाम को 5. 17 बजे तक रहेगा. इसमें स्नान, दान,जाप किया जा सकता है. मकर संक्रांति का महापुण्य काल सुबह 9.12 बजे से दोपहर 11.46 तक रहेगा. मकर संक्रांति के दिन स्नान के उपरांत सूर्य सहित नवग्रहों की पूजा और भगवान विष्णु की पूजा के बाद दान शुरू करना चाहिए. मकर संक्रांति के दिन तिल और खिचड़ी का दान बहुत ही शुभ माना गया है. दान का समय सुबह 9.12 बजे से सूर्यास्त पूर्व तक रहेगा- पं.प्रभात मिश्रा, ज्योतिषाचार्य

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