हॉस्टल व ठेकेदारी पर वर्चस्व के लिए गैंगवार की आशंका

Updated:
विज्ञापन

मुजफ्फरपुर : गैैंगस्टर मिनी नरेश व गब्बर की हत्या के बाद शांत पड़ी विश्वविद्यालय की धरती पर फिर से उथल-पुथल शुरू हो गयी है़ं वर्चस्व की लड़ाई ने माहौल को अशांत कर दिया है. कभी हॉस्टल, तो कभी ठेकेदारी पर वर्चस्व को लेकर यहां एक बार फिर बंदूकें गरजनी शुरू हो गयी है. पिछले तीन […]

विज्ञापन
मुजफ्फरपुर : गैैंगस्टर मिनी नरेश व गब्बर की हत्या के बाद शांत पड़ी विश्वविद्यालय की धरती पर फिर से उथल-पुथल शुरू हो गयी है़ं वर्चस्व की लड़ाई ने माहौल को अशांत कर दिया है. कभी हॉस्टल, तो कभी ठेकेदारी पर वर्चस्व को लेकर यहां एक बार फिर बंदूकें गरजनी शुरू हो गयी है. पिछले तीन वर्षों से यहां वर्चस्व की जद्दाेजहद चल रही है. गैंगस्टरों का विरोध करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता व छात्र नेता की लाशें गिरनी शुरू हो गयी है. गैंगस्टरों की शिकायत करने पर सुरक्षा का भरोसा दिलाने वाली पुलिस शिकायतकर्ता के शव का पोस्टमार्टम कराकर अपने कर्त्तव्यों का इतिश्री कर लेती है. घटना के बाद विवश छात्र न्याय के लिए हंगामा और पुलिस की कार्यशैली का विरोध कर फिर अपने दिनचर्या में लग जाते हैं.
27 वर्ष पूर्व हुई थी मिनी नरेश की हत्या : एक दशक से भी अधिक समय तक यहां राज करनेवाले मिनी नरेश के वर्चस्व का अंत 27 वर्ष पूर्व हो गया. इस विश्वविद्यालय परिसर के पीजी-3 पर कब्जा जमा कर अपना गैंग चलानेवाले नरेश की हत्या सरस्वती पूजा के समय 10 फरवरी 1989 को कर दी गयी. पीजी-5 में सरस्वती पूजा का संचालन कर रहें मिनी नरेश पर अपराधियों ने बम से हमला कर उसकी इहलीला समाप्त कर दी थी.
वर्चस्व को लेकर 25 वर्ष पूर्व यही चला था एके-47 : मिनी नरेश की हत्या के बाद यहां 25 वर्ष पूर्व वर्चस्व की लड़ाई में पहली बार एके-47 का इस्तेमाल हुआ था. बेगूसराय के अशोक सम्राट ने छाता चौक के ठेकेदार चंदेश्वर सिंह को सरस्वती पूजा के दिन ही एके-47 से भून दिया था. काजीमुहम्मपुर थाना के ठीक सामने चंदेश्वर सिंह का आवास है. बताया जाता है कि हत्याकांड के दौरान चली एके-47 के ब्लास्ट की आवाज सुनते ही पुलिसकर्मी थाने के अंदर घुस गये थे. इसके बाद यहां अशोक सम्राट का वर्चस्व स्थापित हुआ.
हाेस्टल विवाद में हुई थी प्रो़ बागेश्वरी की हत्या : होस्टल में अवैध रूप से अड्डा जमाये गैंगस्टरों का विरोध करने पर यहां के प्रोफेसरों को भी जान गंवानी पड़ी है. मनोविज्ञान के प्रोफेसर वागेश्वरी प्रसाद सिंह ड‍्यूक हॉस्टल के अधीक्षक भी थे. छात्रों की शिकायत पर उन्होंने हॉस्टल में अवैध रूप से रहनेवाले गैंगस्टरों का विरोध किया था. पुलिस में भी इसकी शिकायत की थी. लेकिन पुलिस कार्रवाई से पहले गैंगस्टरों ने अपना करतब दिखा दिया. वर्ष 1994 में कार्तिक पूर्णिमा के दिन उनकी हत्या हो गयी. इसके बाद यहां कई छात्र व छात्र नेता की हत्या हो चुकी है.
11 वर्षों बाद वर्चस्व के लिए हुई शमीम की हत्या : गब्बर की हत्या के 11 वर्ष तक यहां शांतिमय माहौल रहा. वर्ष 2012 में यहां के ठेकेदारी पर कब्जा जमाने के लिए खबड़ा के अनिल ओझा व उसके गुर्गों की गतिविधि यहां बढ़ गयी. अनिल को विवि पदाधिकारियों द्वारा ही संरक्षण देने की बात कही जा रही है. अनिल के दादागिरी का विरोध करने पर छात्र जदयू नेता शमीम की हत्या कर दी गयी. शमीम की हत्या शातिर अनिल ओझा और उसके गुर्गों ने पहली अगस्त 2013 को कर दी थी. मामले में प्राथमिकी हुई. लेकिन पुलिस अभी तक अनिल की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है. इसके बाद से यहां लगातार गैंगस्टरों की सक्रियता फिर बढ़ने लगी. नैक मूल्यांकन के दौरान छात्र नेताओं पर वर्चस्व स्थापित करने के लिए विवि के अधिकारियों द्वारा ही शातिर नीरज शर्मा को बढ़ावा देने की बात चर्चा में है. कुलपति विमल कुमार के समय में नीरज शर्मा को हमेशा उनके आवास के आसपास देखा जा रहा था. नैक मूल्यांकन के लिए वर्ष 2015 के 17 से 20 अगस्त के बीच यहां दौरा कर रही टीम के सदस्य के आसपास भी नीरज और उसके गुर्गों को राइफल के साथ देखा गया था.
32 करोड़ की ठेकेदारी पर वर्चस्व की है तैयारी
विवि में परीक्षा हॉल व प्रयोगशाला, रिसर्च सहित अन्य शैक्षणिक उन्नयन के लिए रूसा द्वारा 32 करोड़ की राशि मिलनेवाली है. इस राशि से यहां 12 करोड़ की लागत से परीक्षा हॉल का निर्माण प्रस्तावित है. इसके लिए टेंडर भी निकाले जायेंगे. इसको लेकर नीरज शर्मा और उसके गुर्गों का यहां हमेशा जमघट लगा रहता है. शराब के नशे में छात्रों पर बदतमीजी का आरोप भी नीरज पर लगता रहा है. बुधवार को भी नीरज व छात्रों के बीच इन्हीं सब कारणों से झड़प होने की बात सामने आ रही है. नीरज व छात्रों के बीच हुई लड़ाई का परिणाम लोग गैंगवार के रूप में देख रहें है. यहां किसी भी क्षण अत्याधुनिक हथियारें आग उगल सकती है. नीरज को शातिर शंभू-मंटू का शागिर्द भी बताया जा रहा है. पुलिस को भी इसका अंदाजा है. काजीमुहम्मदपुर,सदर व विवि थाना को एसएसपी ने अलर्ट भी कर दिया है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन