सजा पर बहस पूरी, 11 को फैसला

मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में सभी 19 दोषियों की सजा पर दिल्ली की विशेष साकेत अदालत में मंगलवार को बहस हुई. इसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया. इस मामले में 11 फरवरी को 2.30 बजे फैसला आयेगा. अदालत में सभी आरोपी और उनके परिजन मौजूद थे. विशेष सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ […]
मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में सभी 19 दोषियों की सजा पर दिल्ली की विशेष साकेत अदालत में मंगलवार को बहस हुई. इसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया. इस मामले में 11 फरवरी को 2.30 बजे फैसला आयेगा. अदालत में सभी आरोपी और उनके परिजन मौजूद थे.
विशेष सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ के समक्ष दलील पेश करते हुए सीबीआइ के वकील ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की और जुर्माना लगाने की अपील की. सीबीआइ ने कहा कि दोषियों ने गंभीर अपराध कर समाज को शर्मसार करने का काम किया है. ऐसे में सभी दोषियों को अधिकतम सजा दी जानी चाहिए ताकि समाज में एक संदेश दिया जा सके.
साथ ही पीड़ित लड़कियों को मुआवजा देने की मांग की क्याेंकि अधिकांश लड़कियां नाबालिग थी. सीबीआइ ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद देने और अधिक से अधिक जुर्माना लगाने की मांग की. एजेंसी ने कहा कि ब्रजेश ठाकुर के पास काफी संपत्ति है. इसपर अदालत ने सीबीआइ से पूछा कि मौजूदा समय में कितनी लड़कियां शेल्टर होम में हैं और कितनी अपने परिवार के साथ.
अदालत ने दो दिन में सीबीआइ को इस मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया. मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के वकील ने कहा कि आरोपी के तीन बच्चे हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने सारी संपत्ति जब्त कर ली है. साथ ही उन्हें कई बीमारियां भी हैं. ब्रजेश के वकील ने अदालत में मेडिकल रिपोर्ट भी दाखिल की. ब्रजेश के वकील ने कहा कि वे परिवार में अकेले कमाने वाले शख्स हैं. भाई सड़क दुर्घटना में घायल हाेकर बेड पर हैं.
ऐसे में अदालत को पारिवारिक स्थिति पर गौर करते हुए सजा पर विचार करना चाहिए. दोषी विजय के वकील ने कहा कि उसके परिवार में तीन बच्चे हैं. एक बेटा रिक्शा चलाता है. घर में कोई कमाने वाला नहीं है और परिवार के पाससंपत्ति भी नहीं है. ऐसे में अदालत सजा देने के मामले में रियायत बरते. दोषी कृष्ण के वकील ने कहा कि आरोपी के दो बच्चे हैं. दोनों छोटे हैं और परिवार के पास कमाई का कोई साधन नहीं है.
दोषी मास्टर के वकील ने भी पारिवारिक स्थिति का हवाला देते हुए सजा में नरमी की अपील की. अधिकांश दोषियों ने अदालत से सजा में रियायत की मांग की और कहा कि अदालत को यह विचार करना चाहिए कि क्या वे दोबारा समाज में रह सकते हैं. इनके वकीलों ने उनके सुधार के लिए कदम उठाने पर विचार करने के साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति पर गौर करने का आग्रह किया. ग़ौरतलब है कि विशेष अदालत ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 19 लोगों को दोषी करार दिया था.
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