सीएबी का विरोध हुआ तीखा, 19 को वाम तो 21 को राजद का बंद

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मुजफ्फरपुर : नागरिकता संशोधन कानून (सीएबी), एनआरसी के खिलाफ व यौन हिंसा के सवाल पर 19 दिसंबर को संयुक्त वामदलों ने बिहार बंद की घोषणा की है. इसकी तैयारी के लिए रविवार को भाकपा माले कार्यालय में वामदलों की संयुक्त बैठक हुई. तय किया गया कि बंद के दौरान जिले से गुजरने वाले सभी एनएच, […]

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मुजफ्फरपुर : नागरिकता संशोधन कानून (सीएबी), एनआरसी के खिलाफ व यौन हिंसा के सवाल पर 19 दिसंबर को संयुक्त वामदलों ने बिहार बंद की घोषणा की है. इसकी तैयारी के लिए रविवार को भाकपा माले कार्यालय में वामदलों की संयुक्त बैठक हुई. तय किया गया कि बंद के दौरान जिले से गुजरने वाले सभी एनएच, एसएच, शहर से गांव तक के सभी मुख्य मार्ग, शहर के सभी चौक-चौराहों को जाम किया जायेगा.

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बंद की तैयारी को लेकर छात्र-नौजवान का संगठन, मजदूर-किसान का संगठन, लोकतांत्रिक व इंसाफ पसंद संगठन शहर से लेकर गांव तक सक्रिय है. बंद की तैयारी में 16 से 18 दिसंबर शहर से लेकर गांव तक बड़े पैमाने पर प्रचार, जनसभा, नुक्कड़ सभा, मशाल जुलूस का आयोजन होगा. बंद की पूर्व संध्या पर 18 दिसंबर को शहर सहित सभी ग्रामीण क्षेत्र में भी नागरिकता संशोधन कानून की प्रतियां फूंकी जायेगी.
वामदलों ने आम नागरिकों से बंद के समर्थन में उतरने की अपील की है. वक्ताओं में माले सचिव कृष्ण मोहन, सीपीएम के सचिव अब्दुल गफ्फार, सीपीआइ के रामनरेश ठाकुर, सीपीआइ (एमएल) न्यू डेमोक्रेसी के रूदल राम, सीपीआइएमएल के सचिव उदय चौधरी, माले के सकल ठाकुर, सीपीआइ के अवधेश पासवान सहित अन्य नेता शामिल थे.
बिहार बंद की तैयारी में जुटा राजद
मुजफ्फरपुर. जिला राष्ट्रीय जनता दल अकलियती कमेटी के जिलाध्यक्ष अब्दुल माजिद ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि 21 दिसंबर को कैब व नागरिक संशोधन बिल के खिलाफ राजद का बंद एेतिहासिक होगा. मुसलमानों के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ आपसी चट्टानी एकता का सबूत पेश कर सभी धर्माें के लोग इस बंदी को कामयाब करेंगे.
इंसाफ मंच ने सीएबी की प्रतियां जलायीं
मुजफ्फरपुर. संविधान व गरीब विरोधी सीएबी को वापस लेने, एनआरसी को खारिज करने, देश को बांटना बंद करने आदि नारों के साथ इंसाफ मंच ने 19 दिसंबर को आयोजित संविधान बचाओं मार्च की तैयारी कर पक्की सराय चौक पर सीएबी की प्रतियां जलायी. वक्ताओं ने कहा कि यह देशहित में नहीं है. इससे देश में नफरत फैल रही है, किसी भी सरकार को अपनी नागरिकता पहचानने का अधिकार नहीं दे सकते.
इसके वापसी होने तक किसी भी सूरत में इसका विरोध करते रहेंगे. कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सूरज कुमार सिंह, जावेद कैशर, इम्तेयाज अहमद, वसीम अहमद, जफर आजम, शफीफुर रहमान, खालिद रहमानी, मो ऐजाज, फहद जमा, इमरान अहमद आदि शामिल थे.
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