पत्नी को फोन कर बुलाया था पप्पू को

Published at :03 Jul 2014 10:18 AM (IST)
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पत्नी को फोन कर बुलाया था पप्पू को

मुजफ्फरपुर: टावर संचालक पप्पू पाठक की हत्या सुनियोजित साजिश के तहत की गयी है. बुधवार की सुबह उसके पत्नी के फोन पर यह सूचना दी गयी कि टावर का निरीक्षण के लिए रिलायंस के जीएम आने वाले हैं. इसलिए फौरन पप्पू को कोल्हुआ भेज दीजिए. टावर का निरीक्षण की जानकारी मिलने पर पप्पू कोल्हुआ आया […]

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मुजफ्फरपुर: टावर संचालक पप्पू पाठक की हत्या सुनियोजित साजिश के तहत की गयी है. बुधवार की सुबह उसके पत्नी के फोन पर यह सूचना दी गयी कि टावर का निरीक्षण के लिए रिलायंस के जीएम आने वाले हैं. इसलिए फौरन पप्पू को कोल्हुआ भेज दीजिए.

टावर का निरीक्षण की जानकारी मिलने पर पप्पू कोल्हुआ आया था. इसी बीच पूर्व नियोजित साजिश के तहत नीतीश ने अपने तीन साथियों की मदद से पप्पू को गोली मार दी. एसकेएमसीएच में पोस्टमार्टम के पूर्व पप्पू के पिता योगेंद्र पाठक ने पुलिस को बयान दर्ज कराया. उनके बयान पर पुलिस ने नीतीश पर नामजद सहित तीन अन्य अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की है. नीतीश पर पिस्टल से फायरिंग की गयी थी. बताया जाता है कि हत्या करने की नीयत से ही उसे फोन कर बुलाया गया था. इधर, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अहियापुर पुलिस ने उस मोबाइल नंबर की तलाश में जुट गयी है, जिससे उसकी पत्नी के मोबाइल पर फोन किया गया था. पुलिस का मानना है कि जल्द ही घटना का उद्भेदन कर दिया जायेगा.

दुश्मनी में बदल गयी दोस्ती

कोल्हुआ के लोगों का कहना था कि पूर्व में पप्पू व नीतीश के पिता मणि भूषण चौबे के बीच गाढ़ी दोस्ती थी, लेकिन एक माह पूर्व दोनों में हुए नोकझोंक के बाद दोस्ती टूट गयी. बाप की दोस्ती टूटने का बदला बेटे ने लिया है. गांव के लोगों का कहना था कि नीतीश पुणो में रह कर होटल प्रबंधन की पढ़ाई करता था. वे लोग भी उसके आपराधिक छवि के बारे में नहीं जानते थे. लेकिन कुछ दिनों से उसकी गतिविधि संदिग्ध हो गयी थी. वह अक्सर स्पीडी बाइक से दो-तीन युवकों के साथ घूमते हुए देखा जाता था.

भागने पर बची बंधन की जान

जिस समय पप्पू को गोली मारी गयी, वहां पर बंधन चौबे मौजूद था. पुलिस को उसने बताया कि अगर वह नहीं भागता तो उस पर भी गोली चल सकती थी. नीतीश ने उसे भी चेतावनी भी दी थी. लोगों में यह भी चर्चा थी कि अगर नीतीश को लोगों ने नहीं देखा होता तो पुलिस अंधेरे में तीर चलाती रहती. इधर, अस्पताल में दिन भर कोल्हुआ के लोगों का तांता लगा रहा.

कहीं वर्चस्व में तो नहीं चली गोली!

योगेंद्र पाठक के बयान में नीतीश व उसके तीन अज्ञात साथियों के नाम आने के बाद पुलिस यह जांच कर रही है कि अन्य तीन कौन थे. उसके साथ अक्सर कौन-कौन लोग घूमते देखे गये है. पुलिस वर्चस्व के मामले से जोड़ कर भी अनुसंधान कर रही है. हालांकि इस मामले में पुलिस के अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे है.

ऑपरेशन के दौरान हुई मौत

इधर, घटना के बाद बंधन आनन-फानन में स्थानीय लोगों के सहयोग से घायल को अपने बोलेरो में लाद कर मां जानकी अस्पताल पहुंचा. तब तक पप्पू के शरीर से काफी खून बह चुका था. डॉक्टरों का कहना था कि पप्पू को तीन गोली मारी गयी है. गाल से जबड़े को चीरती हुई दो गोली आर-पार हो चुकी है. वहीं एक गोली उसके पेट में फंसी है. पेट में गोली फंसने से उसकी किडनी फेल हो गयी थी. वहीं सिर में भी खून का थक्का जम गया था. प्रारंभिक चिकित्सा के बाद दोपहर को फंसी गोली निकालने के लिए उसका ऑपरेशन किया गया, लेकिन इसी क्रम में उसकी मौत हो गयी.

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