विचाराधीन कैदी ने जेल में लगायी फांसी !

Updated at : 27 Jun 2014 8:36 AM (IST)
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विचाराधीन कैदी ने जेल में लगायी फांसी !

मुजफ्फरपुर: अशहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में विचाराधीन कैदी ने फांसी लगा कर जान दे दी. घटना गुरुवार को सेंट्रल जेल के अंदर सुबह 7.30 बजे घटी. तत्काल उसे जेल के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. कैदी का नाम भाग राशन (37) है. वह बंगड़ा निजामत साहेबगंज का […]

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मुजफ्फरपुर: अशहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में विचाराधीन कैदी ने फांसी लगा कर जान दे दी. घटना गुरुवार को सेंट्रल जेल के अंदर सुबह 7.30 बजे घटी. तत्काल उसे जेल के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

कैदी का नाम भाग राशन (37) है. वह बंगड़ा निजामत साहेबगंज का रहने वाला था. विचाराधीन कैदी ने 30 मार्च 2012 को घर में पत्नी की हत्या के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया था. सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे दो अप्रैल को जेल भेज दिया था. तब से वह जेल में ही था.

बताया जाता है, जेल में वह अन्य कैदियों से बातचीत कम करता था. वह चुपचाप जेल के अंदर दिन गुजार रहा था. घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया, जहां तीन डॉक्टरों की टीम मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम कर रहे हैं. रिपोर्ट आने के बाद खुलासा होगा कि कैदी ने आत्महत्या की या उसकी हत्या की गयी है?

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह 5.50 बजे जेल के वार्ड का दरवाजा खोला गया. सभी कैदी वार्ड से बाहर निकले. वार्ड से दो सौ मीटर की दूरी पर प्रहरी कैदी शंकर राय ने सांस्कृतिक मंच के पास पेड़ से लटका हुआ भागराशन का शव देखा. वो अपने गमछा के सहारे लटका हुआ था. इसके बाद प्रहरी कैदी ने जेल कर्मियों को इसकी खबर दी. फिर इसकी सूचना केंद्रीय जेल अधीक्षक ई जितेंद्र कुमार को दी गयी. सूचना मिलने पर उसे पेड़ से उतार कर जेल अस्पताल ले जाया गया, जहां जेल के चिकित्सक शंभू सिंह ने उसे मृत बताया.

घटना के बाद केंद्रीय जेल अधीक्षक ने जेल आइजी प्रेम सिंह मीणा, डीएम अनुपम कुमार, एसएसपी जितेंद्र राणा व डीएसपी को सूचना दी. शव का वीडियो ग्राफी कराने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया गया, जहां देर शाम मजिस्ट्रेट बालदेव राम और संजीव कुमार सिंह ने शव की जांच की. उसके बाद तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम ने डॉ विपिन कुमार के नेतृत्व में पोस्टमार्टम किया. टीम में डॉ सीएस झा व डॉ एनके मिश्र शामिल थे. इधर, मृतक के परिजनों का आरोप है कि जेल में उसकी हत्या कर आत्महत्या का रूप दिया गया है. जेल सूत्रों के मुताबिक अपने एक साथी के इस तरह से जान देने की घटना के बाद अन्य कैदी खौफ में हैं.

कैदी की मौत के बाद वार्ड के अन्य कैदियों से भी पूछताछ की गयी है. सभी ने बताया कि सुबह वार्ड का दरवाजा खुलने के बाद भागराशन चुपचाप बाहर निकल गया. अब तक किसी भी कैदी से उसकी किसी भी तरह की कोई झड़प नहीं हुई थी. जेल के अंदर भी उसका आचरण अच्छा था. जिस वक्त घटना घटी मैं अपने आवास पर था. घटना की सूचना मिलते ही वरीय पदाधिकारी को अवगत करा दिया गया. पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो पायेगा.

ई जितेंद्र कुमार

केंद्रीय जेल अधीक्षक

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