बालिका गृह कांड : सीबीआई ने मधु व अश्विनी को पांच दिनों के रिमांड पर लिया, मधु के बयान से कटघरे में समाज कल्याण के अफसर

Updated at : 22 Nov 2018 3:55 AM (IST)
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बालिका गृह  कांड : सीबीआई ने मधु व अश्विनी को पांच दिनों के रिमांड पर लिया, मधु के बयान से कटघरे में समाज कल्याण के अफसर

मुजफ्फरपुर : बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु ने अपने बयान से प्रशासनिक अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. बुधवार को विशेष पॉक्सो कोर्ट में पेशी के दौरान उसने मीडिया से कहा- अगर बच्चियों के साथ शोषण हो रहा था, तो जांच करने वाले अधिकारी क्या कर रहे […]

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मुजफ्फरपुर : बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु ने अपने बयान से प्रशासनिक अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. बुधवार को विशेष पॉक्सो कोर्ट में पेशी के दौरान उसने मीडिया से कहा- अगर बच्चियों के साथ शोषण हो रहा था, तो जांच करने वाले अधिकारी क्या कर रहे थे. जांच के बगैर सेवा संकल्प एवं विकास समिति का अनुबंध कैसे बढ़ाया जाता रहा. मधु को सीबीआई ने पूछताछ के लिए पांच दिनों के रिमांड पर लिया है.
सूत्रों के मुताबिक, सेवा संकल्प एवं विकास समिति की कर्ताधर्ता रही मधु ने सीबीआई को पूछताछ में समाज कल्याण विभाग के उन अफसरों के नाम बताये हैं, जिनसे ब्रजेश ठाकुर के मधुर संबंध रहे थे. मधु से पूछताछ के लिए सीबीआई ने एक एक्सपर्ट टीम का गठन किया है. उससे सीबीआई ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ की फंडिंग, बालिका गृह के संचालन में गड़बड़ी, वहां आने-जाने वालों के नाम आदि जानना चाहती है.
इधर, मधु ने मीडिया से बातचीत में बालिका गृह कांड में प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाया है. उसने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर जांच एजेंसी इसके लिए जिम्मेवार बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही. मधु ने कहा कि वह कभी भी बालिका गृह नहीं गयी. इसका दावा करते हुए उसने कहा कि अगर किसी के भी पास उसके बालिका गृह जाने का सबूत है तो पेश करे.
उसने कहा कि बालिका गृह में क्या होता था, इसकी जानकारी उसे नहीं है. इसका जवाब तो वहां जाने आनेवाले और जांच करनेवाले अधिकारी व पदाधिकारी ही दे सकते हैं. अगर बच्चियों के साथ इतने दिनों से शोषण हो ही रहा था, तो इसके देख-रेख और जांच के लिए तैनात प्रशासनिक अधिकारी क्या कर रहे थे.
हर माह बालिका गृह के बच्चियों के रहन-सहन और उनकी स्थिति का आकलन किया जाता था. 2013 से अब तक कई बार यहां के प्रशासनिक अधिकारियों ने बालिका गृह का एग्रीमेंट बढ़ने के लिए अनुशंसा की. आखिर बगैर जांच के ही अनुशंसा कैसे हो गयी. अगर किसी ने ऐसा किया तो उस पर क्यों नहीं कार्रवाई हो रही है. उसने कहा कि मुजफ्फरपुर ही नहीं, अन्य जिलों के बालिका गृह में भी इस तरह की घटनाएं हुई है. वहां क्यों नहीं कार्रवाई हो रही है.
हालांकि इस कांड के मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर से उसका जुड़ाव था.
उसने बताया कि बालिका गृह की बच्चियों की देख-रेख के लिए वहां एक महिला चिकित्सक तैनात थी. उसने उक्त चिकित्सक का नाम व पता भी सीबीआई को बताया है. उसने कहा कि नशे ही सूई देने का आरोप लगा कर उसे इस मामले का आरोपित बना दिया गया है. पुलिस व सीबीआई कई बार उसके घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है. मंगलवार को वह ससुराल पहुंचा था, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
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