18 माह से प्रीमियर कॉलेज का टैग लेकर घूम रही को-ऑपरेटिव व टाटा कॉलेज की फाइल
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Nov 2018 7:32 AM
विज्ञापन
ब्रजेश मिश्रा, जमशेदपुर : उच्च शिक्षा की तस्वीर बदलने मंशा सवालों के घेरे में है. 18 महीने से कोल्हान विश्वविद्यालय के दो सबसे बड़े महाविद्यालय प्रीमियर कॉलेज बनने का टैग लगाये बैठे हैं. डेढ़ वर्ष में इन कॉलेजों के आधारभूत संरचना विकास के लिए एक पैसे का अतिरिक्त आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है. जुलाई 2017 […]
विज्ञापन
ब्रजेश मिश्रा, जमशेदपुर : उच्च शिक्षा की तस्वीर बदलने मंशा सवालों के घेरे में है. 18 महीने से कोल्हान विश्वविद्यालय के दो सबसे बड़े महाविद्यालय प्रीमियर कॉलेज बनने का टैग लगाये बैठे हैं. डेढ़ वर्ष में इन कॉलेजों के आधारभूत संरचना विकास के लिए एक पैसे का अतिरिक्त आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है.
जुलाई 2017 में कुलाधिपति सह राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के साथ हुई समीक्षा बैठक में उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की ओर प्रस्ताव पेश किया गया था. इसमें कहा गया था कि राज्य के 11 कॉलेजों को प्रीमियर कॉलेज बनाया जा रहा है. इनको चिह्नित किया जा चुका है. प्रीमियर काॅलेज बनने वाले महाविद्यालयों में शैक्षिक वातावरण, आधारभूत संरचना व अनुशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाया जायेगा.
कोल्हान विवि में प्रीमियर कॉलेज का दर्जा जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज, जमशेदपुर तथा टाटा कॉलेज, चाईबासा को दिया गया. इन दोनों कॉलेजों ने आधारभूत संरचना विकास के लिए 15-15 करोड़ का प्रस्ताव उच्च, तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास विभाग को भेजा. अब तक विकास की यह फाइलें एक कार्यालय से दूसरे कॉलेज में धूल फांक रही हैं. अब तक इन दोनों कॉलेजों में आधारभूत संरचना में बदला संबंधी कोई निर्माण प्रारंभ नहीं हुआ है.
आधारभूत संरचना को 15-15 करोड़ का प्रस्ताव उच्च, तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास विभाग को भेजा
अब तक नहीं शुरू हुआ निर्माण, दोनों कॉलेजों में नहीं बदली स्थिति, फाइलें अब भी हो रहीं इधर से उधर
प्रीमियर कॉलेज बनने के बाद रोजगार मेले के आयोजन तक भूमिका सीमित
उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की ओर से प्रीमियर कॉलेज घोषित किये गये इन दोनों महाविद्यालयों में इस अवधि के भीतर कोई अतिरिक्त कामकाज नहीं हुआ. प्रीमियर कॉलेज के नाम पर दोनों कॉलेजों में अब तक केवल मेगा प्लेसमेंट कैंप का ही आयोजन हुआ है. प्रीमियर कॉलेज के रूप में विभाग की तरफ से इन कॉलेजों को अप्रैल 2018 से शिक्षकों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं की बायोमीट्रिक हाजिरी बनाने का फरमान जारी किया गया. अब तक यह लक्ष्य भी पूरा नहीं हो सका है.
कोल्हान विवि के प्रवक्ता डॉ. एके झा ने कहा कि इन कॉलेजों को राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के जरिये पांच-पांच करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की बात कही गयी थी. वहीं रूसा के स्टेट को-ऑर्डिनेटर डॉ. शंभु दयाल सिंह ने कहा कि प्रीमियर कॉलेज की योजना पूरी तरह राज्य प्रायोजित अभियान है. इससे रूसा का दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है. रूसा की तरफ से इन कॉलेजों को आवंटन देने की बात भी कहीं किसी प्रस्ताव में नहीं कही गयी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










