बरुराज में भूख व बीमारी से मौत, डीएम ने दिये जांच के आदेश

Updated at : 29 Oct 2018 5:14 AM (IST)
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बरुराज में भूख व बीमारी से मौत, डीएम ने दिये जांच के आदेश

मोतीपुर : गरीबी से बीमार हुए बरुराज थाना के बिरहिमा निवासी मनोज कुंवर (47) की मौत हो गयी. घटना शुक्रवार की है, लेकिन रविवार को पूरे मामले की जानकारी लोगाें को हुई. दो दिनों से ही उसके घर में चूल्हा नहीं जला था. मनोज की मौत के बाद अब उसका परिवार पूरी तरह से असहाय […]

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मोतीपुर : गरीबी से बीमार हुए बरुराज थाना के बिरहिमा निवासी मनोज कुंवर (47) की मौत हो गयी. घटना शुक्रवार की है, लेकिन रविवार को पूरे मामले की जानकारी लोगाें को हुई. दो दिनों से ही उसके घर में चूल्हा नहीं जला था. मनोज की मौत के बाद अब उसका परिवार पूरी तरह से असहाय हो गया है.
पड़ोसियों की मदद के बाद मनोज का अंतिम संस्कार किया गया. उसकी पत्नी इंदु देवी व पिता भी कुपोषण के कारण बीमार हैं. स्थानीय मुखिया लालसा देवी ने भी माना कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है. घर में अनाज खत्म है. इसकी जानकारी पीड़ित परिवार ने उन्हें नहीं दी. मौत के बाद उन्हें जानकारी मिली. डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिया है.
अंतिम संस्कार के बाद पड़ोसी ने दिया चावल. मनोज कुमार के घर पर अनाज के नाम पर एक किलो चावल मिला, जो अंतिम संस्कार के बाद रीति रिवाज के लिए पड़ोसी ने दिया था. रविवार को स्थानीय मुखिया लालसा देवी के पति पूर्व मुखिया रामयोध्या महतो ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दी. मृतक की पत्नी इंदु देवी ने बताया कि उसके दो बेटे व दो बेटी हैं.
बड़ा बेटा मुन्ना कुमार तीन चार साल से लापता है. कुछ वर्ष पूर्व मिला इंदिरा आवास योजना की राशि से एक कमरा बना था. इंदु देवी ने बताया कि उसके पास जमीन नहीं है. पति मजदूरी करते थे. लेकिन, मजदूरी से मिले पैसे से घर का खर्च नहीं चलता था. बच्चों को तो खिलाते थे, लेकिन खुद और पति भूखे रह जाते थे.
पीला कार्ड पर सितंबर तक का राशन उठाव दिखाया गया है. लेकिन, इंदु देवी का कहना है कि उसे राशन नहीं मिला. राशन खत्म होने के कारण पति बगैर खाना खाये मजदूरी करने जाते थे. धीरे-धीरे वे बीमार पड़ गये. ससुर कभी-कभी अनाज की व्यवस्था करते थे, तो दो-तीन दिनों पर चूल्हा जलता था.
दो दिनों से घर में नहीं जला था चूल्हा, एपीएचसी से नहीं मिली मदद
इंदु ने बताया कि उसके ससुर ने पति की चिकित्सा के लिए एपीएचसी बिरहिमा बाजार से संपर्क किया था. लेकिन, डॉक्टर अपने खर्च पर एंबुलेंस मंगाकर बीमार पति को हॉस्पिटल में भर्ती करने की सलाह देकर चले गये. उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि एंबुलेंस मंगाकर बीमार पति को हॉस्पिटल पहुंचा सके. इलाज के अभाव में उसके पति की मौत हो गयी.
स्थानीय वार्ड सदस्य डब्ल्यू सिंह ने भी मृतक की भूख के कारण बीमारी की चपेट में आने से मौत होने की पुष्टि की है. अंचलाधिकारी कुमार भास्कर ने बताया कि मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है. मामले में जानकारी जुटायी जा रही है. वही बीडीओ कहना है कि मनोज कुमार लंबे समय से बीमार चल रहे थे.
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