5000 मरीजों की अल्ट्रासाउंड पर्ची बनी रद्दी
Updated at : 28 Sep 2018 5:39 AM (IST)
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मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच में 5000 मरीजों की अल्ट्रासाउंड की पर्चियां रद्दी हो गयी हैं. अस्पताल प्रशासन ने आउटडोर (ओपीडी) के मरीजों के अल्ट्रासाउंड करने पर हाथ खड़े कर दिये हैं. अस्पताल के अधीक्षक का कहना है कि उनके पास डॉक्टर नहीं हैं, इसलिए सिर्फ इनडोर के मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड किया जायेगा. एसकेएमसीएच के अल्ट्रासाउंड […]
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मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच में 5000 मरीजों की अल्ट्रासाउंड की पर्चियां रद्दी हो गयी हैं. अस्पताल प्रशासन ने आउटडोर (ओपीडी) के मरीजों के अल्ट्रासाउंड करने पर हाथ खड़े कर दिये हैं. अस्पताल के अधीक्षक का कहना है कि उनके पास डॉक्टर नहीं हैं, इसलिए सिर्फ इनडोर के मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड किया जायेगा. एसकेएमसीएच के अल्ट्रासाउंड विभाग में 5000 मरीजों की पर्चियां पड़ी हुई हैं. कुछ टेबल पर हैं तो कुछ ऊपर गट्ठर बनाकर रख दी गयी हैं. इन मरीजों को तीन माह तक डेट दिया गया था.
अस्पताल के निर्देश के बाद आउटडोर से आनेवाले मरीजों को वापस कर दिया जा रहा है. एसकेएमसीएच में एक दिन में 40 से 50 मरीजों का अल्ट्रासाउंड होता था. ये सभी इनडोर के मरीज हैं. आउटडोर की बारी इसके बाद आती थी. ओपीडी के मरीजों के अल्ट्रासाउंड पर रोक के बाद गुरुवार को दिन भर मरीज अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर हंगामा करते रहे. अल्ट्रासाउंड कक्ष में गुरुवार दोपहर एक बजे तक 19 इनडोर मरीजों के अल्ट्रासाउंड हुए थे.
तीन माह बाद मिंला नंबर, फिर वापस लौटा दिया, एसकेएमसीएच अस्पताल में मरीजों ने किया हंगामा
1. पेट में दर्द की शिकायत के बाद कच्ची पक्की इलाके से खुशबू कुमारी एसकेएमसीएच की ओपीडी में पहुंची थी. वहां डॉक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने को कहा. जब वह अल्ट्रासाउंड कराने अल्ट्रासाउंड रूम के पास पहुंची तो वहां मौजूद गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया. उन्होंने बताया कि वह 10 किलोमीटर दूर से आयी हैं.
2. सीतामढ़ी के रइस गांव से आई शोभा देवी को तीन महीने पहले 26 सितंबर को अल्ट्रासाउंड करने की तारीख दी गयी थी. 26 सितंबर को आयीं तो वहां से लौटा दिया गया. अगले दिन वह फिर पर्चा लेकर पहुंची थीं. इस बार भी उन्हें लौटना पड़ा. उन्होंने कहा कि जांच की तारीख एसकेएमसीएच से ही मिली थी. अब यहां अंदर नहीं घुसने दिया जा रहा.
3.सीतामढ़ी के चोरहां से आयीं अनुराधा देवी को ओपीडी में 27 सितंबर का डेट था. उन्हें पेट में दर्द की शिकायत पर अल्ट्रसाउंड कराने को डॉक्टर ने कहा था. उन्होंने कहा कि आज तारीख पर हमारा जांच नहीं हो रहा है. दो घंटे बस में परेशान हो कर आये हैं. ऐसा था तो हमें पहले ही बता देना चाहिए था.
4. सीतामढ़ी के ही चौपार से अपने बेटे को लेकर आए बैजू राम भी परेशान थे. उनके बेटे को पथरी की शिकायत है. इसलिए डॉक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा था. अल्ट्रासाउंड बंद होने से वह इधर उधर भटक रहे थे. लेकिन उन्हें कहीं से कोई सही जवाब नहीं मिल रहा था. उन्होंने कहा कि अब सीतामढ़ी जाकर ही अल्ट्रासाउंड कराना होगा.
एक डॉक्टर के भरोसे है अल्ट्रासाउंड विभाग
एसकेएमसीएच में एक डॉक्टर के भरोसे अल्ट्रासाउंड विभाग है. हालांकि विभाग में मशीनें दो हैं. पहले अल्ट्रासाउंड के लिए दो डॉक्टर थे, लेकिन एक का बेतिया ट्रांसफर हो गया. उसके बाद से डॉ सुप्रिया पर ही सभी अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी आ गयी.
बाहर जांच में 1000 से 1200 रुपये का खर्च
निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम में अल्ट्रासाउंड में 1000 से 1200 रुपये का खर्च आता है. एसकेएमसीएच में यह जांच मुफ्त की जाती है. अल्ट्रासाउंड कराने आयी एक मरीज ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं, अब वह कैसे अपना इलाज करायेगी.
तीन महीने बाद का मिलता था डेट
एसकेएमसीएच में आउटडोर के मरीजों को तीन महीने बाद का डेट दिया जाता था. एक दिन में करीब 70 मरीजों को अल्ट्रासाउंड ओपीडी में लिखा जाता था. इसमें से आधे का ही अल्ट्रासाउंड होता था. अल्ट्रासाउंड रूम में पड़ी पर्चियों में कई छह महीने पुरानी हैं.
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