कोचिंग संचालक की हत्या में दोस्तों से पूछताछ
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Sep 2018 5:37 AM
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मुजफ्फरपुर : कोचिंग संचालक नीतीश कुमार की हत्या कर शव को कमरे में छुपाने के मामले में गुरुवार को सदर थाने की पुलिस ने मृतक के तीन दोस्तों से अलग-अलग पूछताछ की. दोपहर तक पूछताछ के बाद तीनों को वापस भेज दिया. मृतक के मोबाइल नंबर को जांच अधिकारी दारोगा नितेश कुमार ने सर्विलांस को […]
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मुजफ्फरपुर : कोचिंग संचालक नीतीश कुमार की हत्या कर शव को कमरे में छुपाने के मामले में गुरुवार को सदर थाने की पुलिस ने मृतक के तीन दोस्तों से अलग-अलग पूछताछ की. दोपहर तक पूछताछ के बाद तीनों को वापस भेज दिया. मृतक के मोबाइल नंबर को जांच अधिकारी दारोगा नितेश कुमार ने सर्विलांस को भेज दिया है. कॉल डिटेल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की अनुसंधान की गति और तेज हो जायेगी.
जांच अधिकारी ने बताया कि हत्या करने के बाद शव को कमरे में बंद किया गया था. छानबीन के दौरान कई सुराग हाथ लगे हैं. मृतक का मोबाइल गायब कर दिया गया था. लेकिन, परिजनों से मिले उसके नंबर को सर्विलांस में भेज दिया गया है. कॉल डिटेल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद बहुत कुछ स्पष्ट हो जायेगा. प्रेम प्रसंग, आपसी रंजिश समेत कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है.
वैशाली जिले के रसूलपुर कोरीगांव निवासी नीतीश कुमार बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था. आरडीएस कॉलेज के समीप वह अंग्रेजी का कोचिंग चलता था. बुधवार की दोपहर भिखनपुरा के लॉज स्थित कमरे से दुर्गंध आने के बाद लॉज के मालिक ने इसकी शिकायत पुलिस को की थी. कमरे का ताला तोड़ने के बाद छत-विक्षत स्थिति में नीतीश का शव बरामद हुआ था. उसके शरीर पर कई जगह कटे-फटे के निशान थे. पिता ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
पूर्व मुखिया पुत को पूछताछ के बाद छोड़ा
मोतिहारी/मुजफ्फरपुर. शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डाॅ पुष्कर कुमार सिंह से 15 लाख की रंगदारी मांगने में प्रयुक्त सिमकार्ड मुजफ्फरपुर करजा के झखरा शेख निवासी पूर्व मुखिया पुत्र राजाबाबू के नाम से निर्गत है. पुलिस ने राजा बाबू को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो नयी बात सामने आयी. उसने बताया कि कुछ माह पहले उसका सिमकार्ड गुम हो गया था, लेकिन थाने में सनहा दर्ज नहीं कराया. पुलिस का कहना है कि राजाबाबू से गहन पूछताछ की गयी. डॉक्टर को भी बुला कर आवाज की पहचान करायी गयी.
राजाबाबू से रंगदारी मांगने वाले बदमाश की आवाज नहीं मिली. नगर इंस्पेक्टर आनंद कुमार ने कहा कि राजा बाबू का आपराधिक इतिहास भी खंगाला गया. उसपर मुजफ्फरपुर जिले के किसी थाने में मामला दर्ज नहीं है. पिता सुरेश पासवान ने उसे बुलाया, कहा कि पुलिस रंगदारी के एक मामले में पूछताछ करने आयी है. पिता के बुलाने पर वह तुरंत घर आया. इंस्पेक्टर ने कहा कि राजाबाबू की मां तीन बार पंचायत की मुखिया रह चुकी है. फिलहाल उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला. उसे पीआर बांड पर छोड़ दिया गया. 20 सितंबर को श्री कृष्ण नगर निवासी डाॅ पुष्कर कुमार सिंह से 15 लाख की रंगदारी मांगी थी.
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