मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामला : 11 जिलों के 14 अफसर निलंबित

Published at :06 Aug 2018 6:57 AM (IST)
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मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामला : 11 जिलों के 14 अफसर निलंबित

मुजफ्फरपुर : टिस की रिपोर्ट के बाद बालिका गृहों पर तत्काल कार्रवाई नहीं करने और जांच में कोताही बरतने के आरोप में समाज कल्याण विभाग ने 11 जिलों के 14 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. पूर्वी चंपारण, शिवहर, पटना, अररिया, मधेपुरा, गया, मुजफ्फरपुर , मधुबनी, भोजपुर, भागलपुर व मुंगेर में तैनात अधिकारियों पर कार्रवाई […]

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मुजफ्फरपुर : टिस की रिपोर्ट के बाद बालिका गृहों पर तत्काल कार्रवाई नहीं करने और जांच में कोताही बरतने के आरोप में समाज कल्याण विभाग ने 11 जिलों के 14 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. पूर्वी चंपारण, शिवहर, पटना, अररिया, मधेपुरा, गया, मुजफ्फरपुर , मधुबनी, भोजपुर, भागलपुर व मुंगेर में तैनात अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है.
समाज कल्याण विभाग के निदेशक राज कुमार ने पत्र जारी कर इन अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि टिस की रिपोर्ट आने के बाद भी इन्होंने न तो कानूनी कार्रवाई की और न ही विभाग को सूचित किया. इसके अलावा संस्थानों के बारे में कभी सही तरीके से विभाग को रिपोर्ट भी नहीं भेजी. निदेशक ने जारी पत्र में यह भी कहा गया है कि टिस की रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने जब कार्रवाई करने को कहा, उसके बाद भी समय से कोई कवायद नहीं हुई. इस कारण सरकार के सामने असहज स्थिति पैदा हुई. सभी अधिकारियों का निलंबन मुख्यालय कमिश्नरी कार्यालय बनाया गया है.
निलंबन के बाद विभागीय कार्यवाही होगी शुरू
अधिकारियों के निलंबन के बाद उन पर विभागीय कार्यवाही शुरू की जायेगी. विभाग के जारी पत्र में इसका उल्लेख किया गया है. सूत्रों के अनुसार इन अधिकारियों का निलंबन मुख्यालय जिले में ही इसलिए बनाया गया है ताकि वह इस मामले की जांच में पुलिस को सहयोग करें. समाज कल्याण विभाग ने सभी जिलों में आईसीडीएस के डीपीओ बाल संरक्षण व सामाजिक सुरक्षा का प्रभार दिया है.
रिपोर्ट में ओके लिखना भारी पड़ गया
मुजफ्फरपुर बालिका गृह के निरीक्षण के दौरान रिपोर्ट पर ओके लिखना सहायक निदेशक को भारी पड़ गया है.हालांकि, मार्च में किये निरीक्षण में उन्होंने सीसीटीवी कैमरे नहीं रहने पर इसकी अनुशंसा की थी, लेकिन विभाग का कहना है कि इन अधिकारियों को सभी बच्चियों से अलग से बात करनी चाहिए थी. निलंबित सहायक निदेशक का कहना है कि बालिका गृह में अकेले उनके जाने का प्रावधान नहीं है. कोई महिला ही अकेेले अंदर जा सकती है. अब विभाग द्वारा इतने बड़े पैमाने पर निलंबन की कार्रवाई के बाद दूसरे अधिकारियों में भी बेचैनी है. विभाग के कुछ कर्मचारियों का यहां तक कहना है कि अपनी गर्दन बचाने के लिए नीचे वालों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है.
इन जिलों के यह अधिकारी हुए निलंबित
दिवेश शर्मा, सहायक निदेशक बाल संरक्षण मुजफ्फरपुर
नेहा नुपूर, सहायक निदेशक बाल संरक्षण गया
मो फिरोज, अधीक्षक पर्यवेक्षण गृह अररिया
विकास कुमार, सहायक निदेशक बाल संरक्षण, शिवहर
संगीत कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी मधेपुरा
मिराजुद्दीन, बाल संरक्षण अधिकारी गया
लवलेश कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी पटना
रंजन कुमार, सहायक निदेशक बाल संरक्षण, मोतिहारी
अमरजीत कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी अररिया
सीमा कुमारी, सहायक निदेशक, बाल संरक्षण मुंगेर
कुमार सत्यकाम, सहायक निदेशक बाल संरक्षण, मधुबनी
गीतांजलि प्रसाद, सहायक निदेशक बाल संरक्षण भागलपुर
आलोक रंजन, सहायक निदेशक बाल संरक्षण भोजपुर
धनश्याम रविदास, सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई, अररिया
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