बच्चियों को घर भेजने में भी होती थी कोताही

मुजफ्फरपुर : यौन शोषण को लेकर विवादों में आये मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में भ्रष्टाचार भी कम न था. यहां रह रही बच्चियों को घरवालों से मिलवाने के लिए कर्मचारी घूस लेते थे. टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टिस) की रिपोर्ट में इसका जिक्र किया गया है. रिपोर्ट में कहा है कि हर मुलाकात में […]
मुजफ्फरपुर : यौन शोषण को लेकर विवादों में आये मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में भ्रष्टाचार भी कम न था. यहां रह रही बच्चियों को घरवालों से मिलवाने के लिए कर्मचारी घूस लेते थे. टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टिस) की रिपोर्ट में इसका जिक्र किया गया है. रिपोर्ट में कहा है कि हर मुलाकात में परिजनों से पैसे लिये जाते थे. बालिका गृह के अलावा दूसरे शेल्टर होम में भी यही हाल था. टिस ने यह भी कहा है कि विभाग ने इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की. टिस की रिपोर्ट में कहा गया कि बेसहारा बच्चों से कर्मचारी घूस लेते थे. बिना पैसे के कोर्ट में भी बच्चियों या बच्चों को मिलने नहीं दिया जाता था. रिपोर्ट के अनुसार बच्चों को एनजीओ से घर भेजने में भी कोताही बरती जाती थी. अवधि पूरी हो जाने पर भी उन्हें बाहर नहीं भेजा जाता था.
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