युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस को आज ही के दिन मुजफ्फरपुर में दी गयी थी फांसी

Updated at : 11 Aug 2017 11:57 AM (IST)
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युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस को आज ही के दिन मुजफ्फरपुर में दी गयी थी फांसी

देश की आजादी के लिए सहर्ष फांसी के फंदे पर झूल जाने वाले भारत के सबसे युवा क्रांतिकारी खुदी राम बोस की आज पुण्यतिथि है. खुदी राम बोस मात्र 18 वर्ष की आयु में देश के नाम पर कुर्बान हो गये थे. उन्हें आज ही के दिन 11 अगस्त 1908 में फांसी दी गयी थी. […]

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देश की आजादी के लिए सहर्ष फांसी के फंदे पर झूल जाने वाले भारत के सबसे युवा क्रांतिकारी खुदी राम बोस की आज पुण्यतिथि है. खुदी राम बोस मात्र 18 वर्ष की आयु में देश के नाम पर कुर्बान हो गये थे. उन्हें आज ही के दिन 11 अगस्त 1908 में फांसी दी गयी थी.

उन्हें बिहार के मुफफ्फरपुर जेल में फांसी दी गयी थी. खुदीराम बोस का जन्म 1889 में पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में हुआ था. उनके पिता का नाम त्रैलोक्यनाथ बोस था. उनकी माता का नाम लक्ष्मीप्रिया था. वे स्वाधीनता आंदोलन के प्रति इस कदर समर्पित थे कि उन्होंने नौवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और स्वाधीनता आंदोलन में शामिल हो गये.

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1905 में बंगाल विभाजन के बाद कई लोग इस निर्णय का विरोध करने के लिए सड़क पर उतरे थे, उस समय कोलकाता के मजिस्ट्रेट
किंग्सफोर्ड ने उन्हें कठोर दंड दिया था, इससे नाराज युगांतर समिति की एक बैठक में किंग्सफोर्ड को मारने की योजना बनायी गयी थी. इस योजना को अंजाम देने के लिए खुदीराम बोस और प्रफुल्ल कुमार चाकी को चुना गया.

एक-एक पिस्तौल और बम के साथ दोनों बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे.जहां उन्होंने पहले किंग्सफोर्ड का निरीक्षण किया फिर 30 अप्रैल 1908 को रात के वक्त जब उसकी बग्घी घर के पास आकर रूकी तो उसे बम से उड़ा दिया गया. लेकिन इस हमले में किंग्सफोर्ड बच गया क्योंकि वह बग्घी में नहीं था, उसकी जगह पर दो महिलाएं मारी गयीं, जिसमें से एक किंग्सफोर्ड की पत्नी थी.

इस हमले के बाद खुदीराम और प्रफुल्ल दौड़ते हुए स्टेशन पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया. गिरफ्तारी से पहले प्रफुल्ल ने खुद को गोली मार ली, लेकिन खुदीराम बोस पकड़े गये, उन्हें मुजफ्फपुर में फांसी दी गयी थी. बिहार के समस्तीपुर जिले के पूसा से उनकी गिरफ्तारी हुई थी, यहां पर जो रेलवे स्टेशन है वह उन्हीं के नाम पर है. बताया जाता है कि वे गर्व के साथ हाथ में गीता थामे फांसी पर चढ़ गये.

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