जमालपुर को सात दशक बाद भी नहीं मिला अंचल सह प्रखंड कार्यालय को अपना जमीन व भवन
Author Prabhat khabar news desk
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1954 में जमालपुर को मिला था प्रखंड का दर्जा, अब तक प्राइवेट भवन में चल रहा कार्यालय
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* 1954 में जमालपुर को मिला था प्रखंड का दर्जा, अब तक प्राइवेट भवन में चल रहा कार्यालय
जमालपुर. इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि प्रखंड के विभिन्न पंचायत में कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने और भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिस प्रखंड सह अंचल कार्यालय की है. खुद इस प्रखंड सह अंचल कार्यालय को स्थापना के 70 वर्ष बाद भी अपना भूमि व भवन नहीं है. वर्तमान में जिस जमीन पर वर्तमान में प्रखंड सह अंचल कार्यालय है. वह जमीन एक व्यक्ति विशेष की है. जो इस कार्यालय को खाली करने के लिए कोर्ट की शरण में भी गया हुआ है और इस भवन को खाली करने के लिए कई बार अदालत ने नोटिस भी जारी किया है.70 वर्ष पहले जमालपुर को मिला था प्रखंड का दर्जा
वर्ष 1954 में जमालपुर को प्रखंड का दर्जा मिला था और तब से लेकर अबतक इस कार्यालय को अपना भवन बनाने के लिए कई बार जमीन को लेकर अधिकारियों द्वारा निरीक्षण भी किया गया. परंतु यह सारा मामला अभी भी जस के तस पड़ा है. इसके लिये रामनगर गांव स्थित सिंचाई विभाग की जमीन देखी गयी है. मामला अब तक सरकारी फाइल में ही दम तोड़ रहा है. माना जा रहा था कि इस कार्यालय के लिए जल्द ही भूमि अधिग्रहण कर भवन निर्माण की दिशा में कार्य शुरू होगा.फाइलों में सिमट कर रह गया भवन निर्माण का मामला
जानकार बताते हैं कि स्थापना कल से ही प्रखंड कार्यालय स्थित अंचल कार्यालय तथा अन्य कार्यालय प्राइवेट जमीन पर संचालित होना शुरू हुआ. आरंभ में मकान मालिक को कार्यालय द्वारा किराया का भुगतान किया जाता था, परंतु कुछ दशक पहले तत्कालीन कार्यकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा मकान मालिक को किराया का भुगतान भी रोक दिया गया. जिसे लेकर मकान मालिक ने न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है और इसके कारण विभाग पर मकान खाली करने का दबाव भी बना हुआ है. जिसे लेकर विभाग ने दूसरे स्थान पर जमीन चिन्हित कर अधिग्रहण करने का आदेश भी दिया. परंतु नतीजा कुछ भी नहीं निकाला और यह पूरा मामला फाइलों में ही सिमट कर रह गया. जिससे प्रखंड सह अंचल कार्यालय को अपना कार्यालय भवन और आवास नहीं रहने के कारण अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इतना ही नहीं अधिकारी भी यहां किराए के मकान में रहते हैं. कार्यालय परिसर में आवास की सुविधा नहीं रहने की वजह से प्रतिदिन प्रखंड और आंचल के अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरे स्थान से आना जाना पड़ता है. इस कारण समय पर कार्यालय पहुंचने में भी परेशानी होती है.कहते हैं अधिकारी
प्रखंड विकास पदाधिकारी नंदकिशोर ने बताया कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय के लिए जमीन चिन्हित कर विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है. विभाग के तरफ से अबतक अनुमति नहीं मिली है. अनुमति मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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