ePaper

शैक्षणिक संस्थान की उत्कृष्टता का स्तर ही शिक्षक की पहचान है : प्रो एनके अग्रवाल

Updated at : 21 Sep 2025 6:13 PM (IST)
विज्ञापन
शैक्षणिक संस्थान की उत्कृष्टता का स्तर ही शिक्षक की पहचान है : प्रो एनके अग्रवाल

मुंगेर विश्वविद्यालय एवं आरडी एंड डीजे कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आरडी एंड डीजे कॉलेज के सभागार में किया गया.

विज्ञापन

मुंगेर विश्वविद्यालय की ओर से ”नैक मूल्यांकन पर जागरूकता” विषय पर कार्यशाला का आयोजन

मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय एवं आरडी एंड डीजे कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आरडी एंड डीजे कॉलेज के सभागार में किया गया. कार्यशाला का विषय ”अवेयरनेस ऑन नैक एक्रीडिटेशन अर्थात नैक मूल्यांकन पर जागरूकता” रखा गया था. मुख्य अतिथि मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो (डॉ) संजय कुमार, विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा के निदेशक प्रो (डॉ) एनके अग्रवाल एवं कुलसचिव डॉ घनश्याम राय ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया.

कुलपति ने नैक कार्यशाला के सत्रों का मूल्यांकन करते हुए कहा कि सचमुच नैक संस्थान का नहीं अपितु शिक्षकों का ही मूल्यांकन होता है. जिसमें हमारे शैक्षणिक अकादमिक एवं शोधकार्य के लिए निर्धारित कर्तव्यों का आंकलन ग्रेड के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है. उन्होंने कहा कि उन्हें बेहद खुशी है कि 127 वर्ष पुराने महाविद्यालय में नैक मूल्यांकन थीम पर कार्यशाला का आयोजन किया गया और सभी महाविद्यालय इससे लाभान्वित होंगे. उच्च शिक्षा निदेशक प्रो एनके अग्रवाल ने सबसे पहले शिक्षकों को स्वयं का मूल्यांकन करने एवं अपने अध्यापन कार्य पर गर्व एवं आत्मसम्मान की भावना के लिए प्रेरित किया. उनका मानना है कि शैक्षणिक संस्थान की उत्कृष्टता का स्तर ही शिक्षक की पहचान है. समाज आपका मूल्यांकन आपके संस्थान के स्तर के आधार पर ही करता है. अतः हमें मिलकर उच्च शिक्षा के स्तर का निर्माण करना होगा. कुलसचिव ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान के परफॉर्मेंस के मूल्यांकन के लिए नैक करना अनिवार्य है. मुंगेर विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों का नैक मूल्यांकन की तैयारी हेतु यह कार्यशाला अत्यंत महत्वपूर्ण है.

कार्यशाला के चेयरपर्सन आरडी एंड डीजे कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो (डॉ) बिजेंद्र कुमार ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य नैक मूल्यांकन हेतु संस्थाओं के लिए जागरूकता एवं मार्गदर्शन है. इसके अलावा कॉलेज अपने सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर रिपोर्ट) को कुशलता पूर्वक भर सके. प्राचार्य ने कहा कि 2017 में इस महाविद्यालय का पहली बार नैक मूल्यांकन हुआ था. कॉलेज द्वितीय चक्र हेतु नैक मूल्यांकन के लिए तैयारी कर रहा है. इस कार्यशाला के फलस्वरुप महाविद्यालय के नैक और आइक्यूएसी टीम लाभान्वित होंगी. कार्यशाला में कुल 35 कॉलेज के 180 प्रतिभागियों ने भाग लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RANA GAURI SHAN

लेखक के बारे में

By RANA GAURI SHAN

RANA GAURI SHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन