4. उत्तम शिक्षा से हम हर परिस्थिति से लड़ सकते हैं : प्रो भवेशचंद्र पांडेय

Published by :AMIT JHA
Published at :24 Apr 2026 6:58 PM (IST)
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4. उत्तम शिक्षा से हम हर परिस्थिति से लड़ सकते हैं : प्रो भवेशचंद्र पांडेय

उत्तम शिक्षा से हम हर परिस्थिति से लड़ सकते हैं : प्रो भवेशचंद्र पांडेय

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मुंगेर

जेआरएस कॉलेज में शुक्रवार को एनएसएस इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, कुलगीत, एनएसएस गीत के साथ किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में अंग्रेजी पीजी विभागाध्यक्ष डॉ भवेशचंद्र पांडेय थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो देवराज सुमन तथा संचालन एनएसएस पीओ डॉ राजेश कुमार सिंह ने किया. कार्यक्रम का प्रवेश कराते हुये एनएसएस पीओ ने बताया कि इस विशेष शिविर में 50 स्वयंसेवकों सहभागिता दे रहे हैं. 30 अप्रैल तक चलेगा. इसके तहत 26 अप्रैल को कॉलेज एनएसएस द्वारा गोद लिए गए गांव चंदनपुरा में पर्यावरण पर आधारित विशेष शिविर का भी आयोजन किया जाएगा.

उत्तम शिक्षा से हम हर परिस्थिति से लड़ सकते हैं

मुख्य अतिथि अंग्रेजी पीजी विभागाध्यक्ष ने कहा कि विशेष शिविर में मानसिक तनाव प्रबंधन की जानकारी देना जरूरी है. इसका मूल उद्देश्य वर्तमान तनावपूर्ण जीवनशैली और भिन्न भिन्न प्रकार की समस्या ही है. जिससे विश्व के किशोर, युवा-पीढ़ी झेल रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में किसानों, युवा-युवतियों द्वारा आत्महत्या और गंभीर बीमारियां किसी कारणवश उत्पन्न तनाव का ही परिणाम है. हमारी शिक्षा- व्यवस्था ऐसी हो कि शिक्षार्थी कार्य-कौशल प्राप्ति के बाद तनाव-मुक्त जीवन व्यतीत कर सके, तनाव का संबंध मन:स्थिति से है. उत्तम शिक्षा से हम हर परिस्थिति से लड़ सकते हैं. स्नातकोत्तर हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो हरिश्चंद्र शाही ने मानसिक तनाव का स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बताया. आवश्यकता से अधिक अपेक्षा करना और उसपर खरे न उतर पाना भी अक्सर तनाव का कारण बनता है. हमारे संत-महात्माओं ने प्राकृतिक नियमानुसार जीने की सीख दी है. स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ शिवकुमार मंडल ने बताया कि राष्ट्र की सेवा नि:स्वार्थ भाव से ही की जा सकती है. यह भी एक प्रकार से परमार्थ का कार्य है. निष्काम कर्म की भावना से ही व्यक्ति महामानव की श्रेणी में आता है. उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो शाहिद रजा जमाल ने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य हेतु तनाव से दूर रहना जरूरी है. शिक्षा वह माध्यम है, जिसके द्वारा हम जीवन-मूल्य के बारे में समझ सकते हैं. इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो गिरीश चन्द्र पांडे ने मानसिक तनाव के कारण युवा -युवतियों में आत्महत्या की प्रवृत्ति के प्रति गंभीर चिंता प्रकट की. साथ ही बताया कि आजकल माता-पिता भी बच्चों से अत्यधिक आशा रखने लगे हैं, वे समझ ही नहीं पाते हैं कि सफलता की चाह में वे कितने तनाव में आ जाते हैं जबकि, कर्म-क्षेत्र अनेक हैं. हो सकता है कि बच्चे किसी दूसरे क्षेत्र में सफल हो जाए. प्राचार्य ने सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया. उन्होंने कहा कि मनुष्य पद, प्रतिष्ठा, संपत्ति की क्षति और पारिवारिक उलझन, असफलता इत्यादि तनावपूर्ण जीवन के कारण रहे हैं. मौके पर स्नातकोत्तर गणित विभागाध्यक्ष डॉ अमर कुमार, डॉ जयंत कुमार, डॉ सुनील कुमार सहित दर्जनों स्वयंसेवक मौजूद थे.

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