यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित नहीं कर पा रही वंदे भारत ट्रेन

लोगों के डिमांड पर 22309/22310 अप/डाउन जमालपुर-हावड़ा जमालपुर वंदे भारत ट्रेन का परिचालन जमालपुर से किया गया.
आठ डब्बे वाली वंदे भारत ट्रेन में नहीं दिख रही यात्रियों की भीड़
जमालपुर. लोगों के डिमांड पर 22309/22310 अप/डाउन जमालपुर-हावड़ा जमालपुर वंदे भारत ट्रेन का परिचालन जमालपुर से किया गया. पहले इस ट्रेन का परिचालन भागलपुर से हावड़ा के बीच होता था, परंतु स्थानीय लोगों और राजनीतिक जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद रेलवे ने इस ट्रेन के परिचालन को जमालपुर तक एक्सटेंड कर दिया, परंतु जिस ख्याति के रूप में वंदे भारत ट्रेन को जाना जाता है. उस ख्याति के अनुरूप यह ट्रेन क्षेत्र में लोकप्रिय नहीं हो पा रहा है. जिसके कारण इस ट्रेन से अधिक संख्या में रेल यात्री यात्रा नहीं कर पा रहे हैं.बताया जाता है कि जमालपुर से हावड़ा के लिए जाने वाली वंदे भारत ट्रेन में आठ कोच लगे होते हैं. इनमें सात कोच चेयर कार के होते हैं और एक कोच इकोनॉमी क्लास के होते हैं. इकोनॉमी क्लास के लिए इस ट्रेन में 52 सीट हैं, जबकि चेयर कार के लिए 478 सीट निर्धारित है. यह ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित है और सामान्य ट्रेन की अपेक्षा इस ट्रेन में यात्रा के दौरान विशेष सुविधा यात्रियों को दी जाती है, परंतु यह ट्रेन यात्रियों के बीच लोकप्रिय नहीं हो पा रही है. यही कारण है कि अक्तूबर के महीने में जमालपुर से हावड़ा जाने के क्रम में इस ट्रेन के इकोनॉमिक क्लास के 396 और चेयर कार के 2621 सीट खाली रह गए.
ट्रेन के टाइम टेबल पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों की मानें तो इस ट्रेन के टाइम टेबल को सुविधाजनक नहीं माना जाता है. लोगों का कहना है कि यह ट्रेन जमालपुर से अपराह्न 15:30 बजे हावड़ा के लिए रवाना होती है और रात्रि 22:05 बजे हावड़ा पहुंचती है. ऐसे में जमालपुर से व्यापार के सिलसिले में हावड़ा जाने वाले लोगों को रात्रि विश्राम की समस्या होती है, जबकि वंदे भारत की तुलना में जमालपुर-हावड़ा सुपर एक्सप्रेस बेहतर सुविधाजनक है, क्योंकि यह ट्रेन संध्या 8:30 बजे जमालपुर से हावड़ा के लिए रवाना होती है और सुबह 5:35 बजे हावड़ा पहुंचती है. ऐसे में व्यापार के सिलसिले में हावड़ा जाने वाले लोग अपने काम पर निकल जाते हैं और अपना काम निबटाकर शाम तक इसी ट्रेन से ही वापसी कर लेते हैं, जबकि वंदे भारत ट्रेन हावड़ा से सुबह 7:45 बजे ही रवाना हो जाती है. ऐसे में व्यापारी वर्गों के बीच यह ट्रेन लोकप्रिय नहीं हो पा रही है. इसके अतिरिक्त अन्य कार्यों से हावड़ा जाने वाले लोगों के लिए भी यह ट्रेन सुविधाजनक नहीं मानी गयी है.
ऑफ सीजन के कारण भी यात्रियों की कमी
बताया जाता है कि जमालपुर-हावड़ा-जमालपुर सुपर एक्सप्रेस और गया-हावड़ा-गया एक्सप्रेस की तुलना में वंदे भारत एक्सप्रेस का यात्री किराया अपेक्षाकृत अधिक है. इसके कारण भी इस ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों की कमी मानी जाती है. जानकारी में बताया गया कि वंदे भारत में चेयर कार का जमालपुर से हावड़ा का किराया 1290 रुपए है, जबकि इकोनॉमी क्लास का किराया 2335 रुपए है. दूसरी तरफ जमालपुर-हावड़ा सुपर एक्सप्रेस में थ्री इकोनॉमी क्लास का किराया 700, थ्री एसी का किराया 765 और टू एसी का किराया 1080 रुपए है. इसी प्रकार गया-हावड़ा एक्सप्रेस में थ्री एसी का किराया 775 रुपये, और टू एसी का किराया 1100 रुपए है.
अपेक्षाकृत कम यात्री कर रहे हैं यात्रा
बताया जाता है कि वंदे भारत एक्सप्रेस से अपेक्षाकृत कम संख्या में रेल यात्री यात्रा कर रहे हैं. सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया है कि जमालपुर से ही वंदे भारत ट्रेन रवाना होती है और जमालपुर से ट्रेन पूरी तरह नहीं भर पाती है. जमालपुर से हावड़ा पहुंचने तक 23 अक्तूबर को इकोनामिक क्लास में 12 और चेयर कार में 58 सीट खाली रही. जबकि 24 अक्तूबर को इकोनामिक क्लास में 13 और चेयर कार में 41 सीट खाली रही. 25 अक्तूबर को इकोनामिक क्लास में 13 और चेयर कार में 46 सीट, 26 अक्तूबर को इकोनामिक क्लास में 5 और चेयर कार में तीन सीट, 27 अक्तूबर को इकोनॉमिक क्लास में 26 और चेयर कार में 105 सीट खाली थी. हालांकि 28, 29 और 30 अक्तूबर को ट्रेन में कोई सीट खाली नहीं थी.
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