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उत्पाद थाने के निजी चालक की मौत पर मुंगेर में बवाल, घंटों तक अस्त-व्यस्त रहा शहर

मुंगेर में छापेमारी के दौरान शराब माफिया पुलिस टीम से उलझ गयी. इसी दौरान आउट सोर्सिंग में लिए गये वाहन का चालक कुएं में गिर गया. जिससे उसकी मौत हो गयी.

Bihar News: मुंगेर के धरहरा प्रखंड के दशरथी गांव में मंगलवार की सुबह उत्पाद थाना मुंगेर के निजी वाहन चालक राकेश चौधरी की कुएं में धक्का देकर हत्या करने के विरोध में मुंगेर शहर में बवाल मच गया. घंटों शहर अस्त-व्यस्त रहा. काफी प्रयास के बाद स्थिति सामान्य हुई तो कोतवाली थाना पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोटस्माॅर्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया.

दुबारा छापेमारी करने पहुंची थी टीम, चालक की हो गयी हत्या

उत्पाद थानाध्यक्ष पल्लवी को सोमवार की रात सूचना मिली थी कि धरहरा थाना क्षेत्र के दशरथी गांव से प्रतिदिन अहले सुबह शराब का बड़ा खेप निकलता है. इसी सूचना पर सोमवार की रात ही वहां छापेमारी के लिए तैयारी किया गया. मंगलवार की अहले सुबह 4 बजे उत्पाद थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम वहां पहुंची तो एक मोटर साइकिल सवार दो शराब तस्करों को पकड़ा. जिसके पास से 30 लीटर महुआ शराब बरामद किया गया. जिन शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया, उसमें मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रामदिरी गांव निवासी गौतम साह और नौवागढ़ी निवासी अमित मल्लिक शामिल है. उत्पाद पुलिस गिरफ्तार तस्कर, शराब और जब्त मोटर साइकिल को लेकर वापस उत्पाद थाना मुंगेर आ गयी.

पूछताछ के क्रम में गिरफ्तार शराब तस्करों ने बताया कि दशरथी गांव के बहियार स्थित एक कुंए के समीप भारी मात्रा में महुआ शराब का स्टॉक छिपा कर रखा गया है. जिसके बाद सुबह लगभग 6 बजे पुन: वहां छापेमारी करने उत्पाद विभाग की टीम पहुंची. पुलिस को देखकर कुएं के पास से चार-पांच लोग भागने लगे. जिसके पीछे उत्पाद पुलिस भी भागी. एक तस्कर को गिरफ्तार कर वाहन पर बैठा भी लिया गया. जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गांव में घूस गयी. जबकि चालक राकेश चौधरी को कुएं के समीप स्टॉक देखने के लिए छोड़ दिया गया.

इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और स्टॉक लेकर भागने का प्रयास किया. चालक ने रोका तो उसे कुएं में धक्का दे दिया. जिसमें काफी पानी था. जिसमें डूबने से उसकी मौत हो गयी. इधर पकड़े गये एक शराब तस्कर को भी छुड़ा ले गये. जब पुलिस टीम लौटी तो चालक के कुएं में डूबने की जानकारी मिली. जिसके बाद पंप सेट के सहारे पानी निकाल कर चालक का शव बाहर निकाला गया.

चालक की मौत पर फूटा आक्रोश, शहर में पथराव व सड़क जाम

राकेश की मौत के बाद कोतवाली थाना क्षेत्र के घसियार मुहल्ला के लोगों का आक्रोश फूट पड़ा. सूचना पर सुबह करीब 10 बजे सैकड़ों की भीड़ अस्पताल मार्ग पहुंची और जिस वाहन पर राकेश का शव था उस पर पथराव कर दिया. जिसमे वाहन का पिछला शीशा चकनाचूर हो गया. जिसके बाद वाहन से राकेश का शव लेकर भीड़ सीधे उत्पाद थाना पहुंची.

उत्पाद थाना के समीप ही बांस और बड़ा ट्राली लगा कर दो नंबर गुमटी मार्ग को जाम कर दिया और मृतक के आश्रित को मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की. जब उत्पाद विभाग का कोई अधिकारी नहीं आया तो भीड़ ने थाना पर पथराव शुरू कर दिया. जिसमें दो वाहनों और खिड़की में लगे शीशा फूट गये.

सूचना पर कोतवाली थानाध्यक्ष राजीव तिवारी दल-बल के साथ पहुंचे और पथराव को शांत कराया. इतने पर भी भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ था तो बड़ा ट्राली पर शव को रख कर गुलजार पोखर चौक पर मुख्य सड़क को जाम कर दिया. हालांकि काफी संख्या में वहां पुलिसकर्मी तैनात थे. लेकिन वह सिर्फ भीड़ द्वारा कोई क्षति न पहुंचाया जाय इस पर नजर रख रही थी. इसके बाद भीड़ शव लदा ट्रॉली बाजार में घुमाते हुए राजीव गांधी चौक पर रुका. हालांकि पुलिस की सुझबुझ के कारण वहां जाम नहीं लगा. जबकि लोगों को समझा-बुझा कर शांत कराया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया.

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल, उत्पाद विभाग को ठहराया रहे दोषी

उत्पाद थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर मृतक राकेश चौधरी का घर है. वह पिछले एक साल से उत्पाद विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग पर लिए गये स्कॉर्पियो वाहन को चला रहा था. परिजनों ने बताया कि सोमवार को 12 बजे रात में थाना वाला ने उसे बुला लिया था. जब सुबह में उसकी मौत हुई तो परिजनों का सूचना क्यों नहीं दिया.

मृतक के पिता सुबोध चौधरी, भाई संजय व विवेक ने बताया कि सुबह 8-9 बजे के करीब हमलोगों को सूचना मिली कि राकेश की हत्या धरहरा में शराब माफियाओं ने कर दिया. जब हमलोग थाना पहुंचे तो वहां पर कोई नहीं था. आखिर मौत की खबर क्यों हमसे छिपायी गयी. राकेश घर का कमाऊ सदस्य था. जिसकी मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

विदित हो कि राकेश तीन भाईयों में सबसे बड़ा था और डेढ साल पहले ही उसकी शादी खगड़िया के महेशखुट में तुलसी देवी के साथ हुई थी. उसको मात्र 6 माह की बेटी श्रेसा है. जो अब अनाथ हो गयी. मृतक की पत्नी तुलसी देवी, मां बिंदु देवी, पिता सुबोध चौधरी का रो-रो कर बुरा हाल था.

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