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अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई पर लगा है ताला, खुले में जलाया जा रहा कचरा

Updated at : 11 Dec 2025 10:17 PM (IST)
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अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई पर लगा है ताला, खुले में जलाया जा रहा कचरा

अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई पर लगा है ताला, खुले में जलाया जा रहा कचरा

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लोहिया स्वच्छता अभियान की निकली हवा : 1283 वार्ड में तैनात है स्वच्छताकर्मी, हर पंचायत में एक स्वच्छता पर्यवेक्षक

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान में मुंगेर जिला को मिला अवार्ड, गांवों में फैला है कचरा

मुंगेर. लोहिया स्वच्छ अभियान के तहत हाल ही में मुंगेर जिला को अवार्ड मिला. मुंगेर के एक वरीय अधिकारी को दिल्ली में सम्मानित किया गया. लेकिन मुंगेर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता अभियान की हवा निकल रही है. दर्जनों अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई पर ताला लगा है. खुले में कचरा को फेंका जा रहा, उसे जलाया भी जा रहा है. इससे ग्रामीण क्षेत्र की आवोहवा प्रदुषित हो रही.

मुंगेर जिले में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत जिले के सभी पंचायतों के गांवों में कचरा का उठाव व निष्पादन के लिए ठोस एवं अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई (डब्ल्यूपीयू) का निर्माण कराया गया. सरकार ने इसपर करोड़ों रूपये खर्च किये. जबकि स्वच्छता प्रवेक्षक व कचरा उठाव के लिए वार्डों में तैनात स्वच्छताकर्मी के वेतन मद में प्रतिमाह लाखों खर्च किये जा रहे. बावजूद हालात यह है कि गांवों में कचरा उठाव तो दूर, पंचायतों में बने अधिकांश डब्ल्यूपीयू पर ताला लटका हुआ है.

90 डब्ल्यूपीयू संचालन का दावा, धरातल पर नहीं दिखी हकीकत

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान फेज-2 के तहत स्वच्छता मिशन योजना पंचायतों में वर्षों से चल रही है. ताकि पंचायत के हर गली मोहल्ले को स्वच्छ रखा जा सके. लेकिन पंचायतों में यह योजना केवल कागजों में ही सिमट कर रह गयी. मनरेगा एवं पंचायत के 15वीं वित्त योजना के तहत पंचायतों में डब्ल्यूपीयू का निर्माण कराया गया. इसपर करोड़ों रूपये खर्च हुए. विभाग का दावा है कि जिले के 90 पंचायत में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का निर्माण कराया गया. यहां सूखा कचरा से जैविक खाद तैयार किया जा रहा है. जब प्रभात खबर की टीम ने कई पंचायतों में जाकर उसका हकीकत देखा तो पाया कि अधिकांश डब्ल्यूपीयू में ताला लटका रहता है. जमालपुर प्रखंड के बांक पंचायत के डब्लूपीयू में जहां ताला लटका हुआ था. वहीं आस पास कचरा का ढेर लगा था. उसमें आग लगायी जा रही थी. इसी प्रखंड के रामनगर पंचायत के बाग नौलक्खा में डब्ल्यूपीयू बना हुआ है, जिसमें ताला लटका रहता है.

करोड़ों खर्च के बावजूद गांवों में नहीं होती सफाई

पंचायत स्तर पर प्रत्येक वार्ड में कचरा निस्तारण को लेकर स्वच्छता कर्मी व पर्यवेक्षक बहाल है. वार्ड स्तर पर कचरा उठाव को लेकर भारी भरकम राशि खर्च कर पंचायत स्तर पर बैट्री चलित टोटो ई-रिक्शा, पैडल वाला ठेला की व्यवस्था की गयी थी. इसके साथ ही प्रत्येक पंचायत के हर वार्ड में हर एक घर में गीला कचरा व सूखा कचरा के निस्तारण को लेकर डस्टबिन भी वार्ड वासियों को उपलब्ध कराया गया था. कुल 1283 वार्ड में इसकी व्यवस्था की गयी थी. लेकिन हकीकत है कि पंचायतों के इक्के-दुक्के वार्ड में ही कूड़ों का संग्रह हो रहा है. अधिकतर वार्डों में इस व्यवस्था ने दम तोड़ दिया है. स्वच्छता कर्मी के नाम पर आज भी मानदेय लिया जा रहा है, जो एक बड़ी धांधली की ओर इशारा कर रहा है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जून 2025 के मानदेय का भुगतान प्रति स्वच्छता प्रवेक्षक को 7500 रूपये एवं स्वच्छताकर्मी को 3000 हजार मानदेय दिया जा रहा है.

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कचरा के ढेर में लगायी जा रही आग, दूषित हो रहा पर्यावरण

मुंगेर. एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत व प्रदूषण नियंत्रण की बड़ी-बड़ी बातें कर रही हैं, वहीं जमीनी हकीकत बिलकुल उलट है. पंचायतों में सड़कों के किनारे जमा कचरे के ढेरों में आग लगायी जा रही है. कचरे के इन ढेरों में प्लास्टिक, पॉलीथिन व अन्य हानिकारक कचरा होता है, जिसके जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड व डाइऑक्सिन जैसे खतरनाक रसायन हवा में फैल रहे हैं. जो ग्रामीणों के लिए एक बड़ा संकट बन गयी है. इस आग से निकलने वाला जहरीला धुआं सीधे हवा में घुल रहा है, जिससे वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है. —————————

छह पंचायत में अब तक नहीं बना डब्लूपीयू

मुंगेर. जिले के छह पंचायतों में अब भी ठोस व अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई (डब्ल्यूपीयू) का निर्माण नहीं हो सका. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के जमालपुर प्रखंड के सिंघिया व पड़हम, बरियारपुर प्रखंड के कल्याण टोला, सदर प्रखंड के जानकीनगर, खड़गपुर के दरियापुर वन एवं सदर प्रखंड के नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत में जमीन के अभाव में डब्लूपीयू का निर्माण नहीं हो सका है.

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कहते हैं अधिकारी

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान मुंगेर के प्रभारी जिला समन्वयक असीम आनंद ने बताया कि जिले के 90 पंचायत में डब्ल्यूपीयू का संचालन हो रहा है. जमीन के अभाव में छह पंचायत में इसका निर्माण नहीं हो सका है. इसको लेकर संबंधित प्रखंड के सीओ से संपर्क स्थापित किया गया है. पंचायत के सभी 1283 वार्ड में स्वच्छताकर्मी व पंचायत में स्वच्छता पर्यवेक्षक तैनाती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIRENDRA KUMAR SING

लेखक के बारे में

By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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