मुंगेर विश्वविद्यालय में चुनौती भरी होगी अगले माह होने वाली सीनेट की बैठक
Updated at : 24 Jan 2026 6:49 PM (IST)
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मुंगेर विश्वविद्यालय ने फरवरी माह के आरंभ में सीनेट बैठक का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए राजभवन को भेज चुका है.
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समय पर सीनेट सदस्यों को बजट की कॉपी नहीं मिलने से बढ़ेगी परेशानी
संविदाकर्मियों के सेवा विस्तार सहित अनियमित सत्र व शिक्षक स्थानांतरण व नियुक्ति का मामला बढ़ायेगा परेशानीमुंगेर.
मुंगेर विश्वविद्यालय ने फरवरी माह के आरंभ में सीनेट बैठक का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए राजभवन को भेज चुका है. इसके लिए विश्वविद्यालय में तैयारी भी आरंभ कर दी गयी है. लेकिन एमयू के लिए अगले माह होने वाली संभावित सीनेट बैठक काफी चुनौती भरी होनी है, पहले तो समय पर सीनेट सदस्यों को बजट की प्रति उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय के लिए बड़ी चुनौती होगी. जबकि इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के अनियमित सत्र सहित शिक्षक स्थानांतरण व नियुक्ति का मामला बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है. विश्वविद्यालय ने संभावित सीनेट बैठक को लेकर तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए विश्वविद्यालय द्वारा सीनेट के पूर्व होने वाले एकेडमिक काउंसिल, फाइनेंस कमिटी, न्यू टीचिंग एंड एफिलिएशन कमेटी सहित सिंडिकेट बैठक की तैयारी कर रहा है. जबकि राजभवन से स्वीकृति मिलने के बाद विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित तिथि पर सीनेट की बैठक आयोजित की जायेगी.सात सीनेट की बैठक हो चुकी
एमयू के साल 2018 में स्थापना काल से अबतक विश्वविद्यालय में सात सीनेट की बैठक हो चुकी है, जिसमें एमयू के सीनेट सदस्यों की सबसे बड़ी नाराजगी बैठक से कुछ घंटे पहले ही वित्त्तीय वर्ष के बजट की कॉपी सदस्यों को उपलब्ध कराना रहा है. जबकि साल 2023 में तत्कालीन कुलपति प्रो श्यामा राय के कार्यकाल के दौरान हुई सीनेट बैठक में समय पर बजट की कॉपी उपलब्ध नहीं कराने को लेकर सदस्यों ने बजट को पारित करने से मना कर दिया था. हलांकि बाद में इसे सदस्यों ने पारित कर दिया, लेकिन इसको लेकर बैठक में काफी हंगामेदार स्थिति बन गयी थी. ऐसे में अब जहां अगले माह सीनेट की बैठक होनी है और विश्वविद्यालय अपने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट तैयार कर रहा है. ऐसे में सदस्यों को समय पर बजट की कॉपी उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय के लिए बड़ी चुनौती होगी.एमयू का अधिकांश सत्र अनियमित
सीनेट बैठक के दौरान एमयू के लिए अनियमित सत्र, शिक्षकों के स्थानांतरण व नियुक्ति का मामला परेशानी भरा होगा, एमयू के अधिकांश सत्र वर्तमान में काफी विलंब से चल रहे हैं. जिसमें सबसे अधिक अनियमित सत्र स्नातक के हैं. जबकि इसके अतिरिक्त एमयू द्वारा बीते दिनों किये गये कई शिक्षकों का स्थानांतरण लगातार सवालों के घेरे में रहा है. जबकि अबतक पीजी के लिए पद सृजन के बावजूद शिक्षकों की नियुक्ति न होना, संविदाकर्मियों को सेवा विस्तार न मिलना भी काफी परेशान करेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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