आडंबर व अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक सोच और समता का मार्ग ही रविदास का संदेश

Author Amit jha
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आडंबर व अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक सोच और समता का मार्ग ही रविदास का संदेश

आज देश में दो विचारधाराओं की टकराहट दिखाई देती है

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संत रविदास की 627 वीं जयंती पर निकाली गयी भव्य शोभायात्रा

मुंगेर

संत रविदास महासभा एवं बिहार फुले अंबेडकर युवा मंच के संयुक्त नेतृत्व में रविवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी की 627 वीं जयंती पर भव्य शोभायात्रा एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. नगर भवन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ संत रविदास जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया.

मुख्य अतिथि भागलपुर के डॉ. विलक्षण बौद्ध थे. जबकि विशिष्ट अतिथियों में जेआरएस कॉलेज, जमालपुर के प्राचार्य प्रो. देवराज सुमन, नगर परिषद जमालपुर की उपमुख्य पार्षद अंजली कुमारी एवं पथ निर्माण विभाग के अभियंता अजीत कुमार प्रेम थे. वक्ताओं में बिहार सरकार के पूर्व डिप्टी सचिव अनिल आर्या, प्रो.अभय कुमार, प्रो. वंदना कुमारी एवं प्रो. चंदन कुमार ने संत रविदास एवं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम का संचालन इंजीनियर प्रमोद दास ने किया तथा अध्यक्षता महासभा के अध्यक्ष शंकर दास ने की. स्वागत भाषण अशोक रजक ने दिया. प्रस्तावना अक्षय कुमार दास ने प्रस्तुत की.

मुख्य अतिथि ने कहा कि आज देश में दो विचारधाराओं की टकराहट दिखाई देती है. जिसमें एक समतामूलक विचारधारा और दूसरी गैर-बराबरी की विचारधारा. हमें तय करना है कि हम किस मार्ग पर चलेंगे. संत रविदास जी ने कहा था कि मन ही पूजा, मन ही धूप, अर्थात आडंबर और अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक सोच और समता के मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है. उन्होंने कहा कि जब दुनिया चांद पर पहुंच चुकी है, तब हमें शिक्षा, विज्ञान और समतामूलक समाज निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिये. मौके पर अमन रंजन यादव, हेमंत कुमार, कंचन कुमारी, सुमित यादव, अवधेश पासवान, नयन कुमार, राजेश दास, चंदन कुमार, मनीष कुमार आदि मौजूद थे.

निकली भव्य शोभा यात्रा

शोभायात्रा की शुरुआत संत शिरोमणि रविदास आश्रम, पूरबसराय से हुई. गाजे-बाजे, घोड़ा झांकी, सांस्कृतिक झलकियों और आदिवासी नृत्य के साथ निकली यह शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही. आगे-आगे झंडों की निशानी और डंके की चोट के साथ श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था. शोभायात्रा पूरबसराय से मुख्य बाजार होते हुए टाउन हॉल परिसर पहुंची. जहां सभा में परिवर्तित हुई. वहीं कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम में सोनाली कुमारी ने भक्ति गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावविभोर कर दिया. जहां हारमोनियम पर सुनील कुमार एवं तबले पर गोपाल दास ने संगत दी. जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं ने संगीत का भरपूर आनंद लिया.

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