सरकार के ऑटो व ई-रिक्शा के रूट निर्धारण का आदेश मुंगेर शहर की सड़क पर बेअसर, जाम बना आम
Published by : BIRENDRA KUMAR SING Updated At : 04 Feb 2026 7:58 PM
नियमों का पालन अनिवार्य हो सके. यह समिति ऑटो व ई-रिक्शा परिचालन को नियंत्रित करेंगी.
– न रूट का पता और न ही स्टैंड का ठिकाना, अस्थाई वाहन पड़ाव से आवाम परेशान
मुंगेरबिहार सरकार ने शहरी निकायों में जाम की समस्या से निपटने और यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटो व ई-रिक्शा (टोटो) का रूट और स्टॉपेज निर्धारित करने का निर्देश दिया है. लेकिन मुंगेर शहर की सड़कों पर सरकार के आदेश का कोई असर नहीं दिख रहा है. न तो रूट का पता है और न ही स्टैंड का ठिकाना है. जिसके कारण शहर की सड़क ही ऑटो खास कर ई-रिक्शा के लिए स्टॉपेज बन गया है. जिससे शहर की सड़कों पर जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है और राहगीर परेशान है.
सरकार ने रूट और स्टॉपेज निर्धारित करने का दिया है निर्देश
बिहार सरकार ने शहरों में ट्रैफिक जाम और ऑटो-ई-रिक्शा के अनियंत्रित परिचालन को कम करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है. इसको लेकर सभी जिलों को परिवहन विभाग की ओर पत्र भेजा गया है. पत्र के अनुसार जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति रूट, संख्या, और रंग-कोड (लाल, पीला, नीला, हरा) तय करेगी, जिससे नियमों का पालन अनिवार्य हो सके. यह समिति ऑटो व ई-रिक्शा परिचालन को नियंत्रित करेंगी. निर्धारित रूट के बाहर या अवैध ठहराव पर गाड़ियां जब्त करने की भी बात कही गयी है. जबकि प्रंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में बनी समिति इस व्यवस्था की निगरानी करेंगी. नये नियम में जिक्र है कि कौन-सी सड़क पर कितनी ऑटो या ई-रिक्शा चलेंगी और उनका ठहराव (स्टॉपेज) कितनी दूरी पर होगा. परिवहन विभाग ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और प्रमंडलीय आयुक्तों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं.
मुंगेर शहर की सड़कों पर नहीं दिख रहा आदेश का असर
सरकार और परिवहन मुख्यालय ने भले ही नई व्यवस्था को लागू कर दिया है. लेकिन मुंगेर शहर की सड़कों पर यह आदेश और निर्देश पूरी तरह से बेअसर दिख रहा है. मुंगेर में शहर में 2000 से अघिक ई-रिक्शा ( टोटो) का संचालन हो रहा है. लेकिन टोटो परिचालन के लिए शहर में कोई रूट चार्ट नहीं है और न ही इसके लिए कोई स्टैंड की व्यवस्था है. स्टॉपेज की बात तो छोड़ ही दिजिए, जहां मन किया, वहीं पर टोटो को खड़ा कर सवारी का इंतजार चालक करते नजर आते है. हालात यह है कि शहर के जिस सड़क और गली-मुहल्लों से होकर चालकों का परिचालन करना है वह मार्ग ही उनके लिए वह समय निर्धारित रूट बन जाती है. हद तो यह है कि गांधी चौक से एक नंबर ट्रैफिक चौक तक मुख्य बाजार में भी टोटो का परिचालन बेधड़क हो रही है. इतना ही नहीं ऑटो के लिए भी यहां रूट और स्टॉपेज के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है. जिसके कारण शहर के एक नंबर ट्रैफिक, किताब गली मोड़,राजीव गांधी चौक, पीएनबी चौक, भगत सिंह चौक, कौड़ा मैदान, अंबे चौक, कोर्णाक मोड़, कोतवाली मोड़, शीतला स्थान चौक, नीलम चौक सहित अन्य जगह को ऑटो चालकों ने अपना स्टॉपेज बना लिया है. हद तो यह है पूरबसराय रेलवे ढाला के समीप और मुंगेर रेलवे स्टेशन के बाहर मुख्य सड़क पर तो इनलोगों ने अस्थाई स्टैंड बना डाला है.
टोटो व ऑटो चालकों की मनमानी से जाम से कराह रहा शहर
शहर में ऑटो व टोटो चालकों की मनमानी चलती है. सभी मार्ग उनके लिए निर्धारित मार्ग बन गया है और चौक-चौराहा स्टॉपेज. जिसके कारण पूरा शहर आज जाम की समस्या से कराह रहा है. एक तरफ अतिक्रमण है तो दूसरी ओर ऑटो व टोटो चालकों की मनमानी है, जिसके कारण शहर में हमेशा रूक-रूक कर जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है. जिसके कारण राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
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