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गणित का अध्ययन करने से बढ़ती है तार्किक और विश्लेषण क्षमता

Updated at : 22 Dec 2025 6:34 PM (IST)
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गणित का अध्ययन करने से बढ़ती है तार्किक और विश्लेषण क्षमता

प्रतियोगिताओं में एकादश एवं द्वादश के सफल छात्रों के बीच पुरस्कार वितरण भी किया गया.

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– महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती पर अनेक कार्यक्रम का आयोजन मुंगेर महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती सोमवार को विभिन्न विभिन्न सरकारी व गैरसरकारी शिक्षण संस्थानों में गणित दिवस के रूप में मनायी गयी. इस दौरान गणित के जीवन में महत्व और गणित के क्षेत्र में रामानुजन के कार्यों पर चर्चा की गयी. सरस्वती विद्या मंदिर में इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में एकादश एवं द्वादश के सफल छात्रों के बीच पुरस्कार वितरण भी किया गया. जिसकी अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने किया. उन्होंने कहा कि गणित का अध्ययन करने से तार्किक और विश्लेषण क्षमता बढ़ती है. इससे हम किसी समस्या को सही तरीके से समझकर हल करना सीखते हैं. उन्होंने कहा कि श्रीनिवास रामानुजन का जीवन यह सिखाता है कि जिज्ञासा, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास से असंभव कार्य को भी संभव बनाया जा सकता है. उनके विचार और योगदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी. इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य के साथ उपप्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह, बालिका खंड की प्रभारी प्रधानाचार्या राखी कुमारी, प्राथमिक खंड की प्रभारी प्रधानाचार्या सुजीता कुमारी ने संयुक्त रुप से महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की तस्वीर पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम संयोजक शिक्षक नवनीत चंद्र मोहन ने कहा कि महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में रहते हुए गणित के क्षेत्र में ऐसे सूत्र और सिद्धांत दिए. जो विश्वभर में गणित के क्षेत्र में नई दिशा दी. इधर सरस्वती शिशु मंदिर बेकापुर में रामानुजन की जयंती मनाई गयी. उसका उद्घाटन् अखिल भारतीय मंत्री कमल किशोर सिन्हा ने दीप प्रज्वलन किया और उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया. इस मौके पर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया. उन्होंने रामानुजन के बारे में विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें इंग्लैंड में प्रमेय के क्षेत्र में पुरस्कृत किया गया. एक गरीब परिवार में जन्में रामानुजन उस समय गणित के क्षेत्र में रॉयल सोसाइटी द्वारा फेलोशिप की डिग्री प्राप्त की. यह देश के लिए बहुत बड़े गर्व की बात थी. प्रधानाचार्य संतोष आनंद ने कहा कि रामानुजन ने अपनी साधना से सिद्धि की प्राप्ति की. इन्होंने एक विषय को पकड़ा और सिद्धि प्राप्त की, किंतु दूसरी ओर उनके अन्य विषय बहुत कमजोर रहे. आचार्य सुबोध कुमार ने रामानुजन के बारे में कहा कि यह गरीब परिवार में जन्में, लेकिन अपनी मेहनत से प्रमेय और अनंत इन्फिनिटी के बारे बताया. साथ ही अन्य जानकारी भी दी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT JHA

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