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नक्सली कमांडर सुरेश कोड़ा के सरेंडर के साथ मुंगेर बना नक्सल मुक्त जिला

Updated at : 18 Feb 2026 7:42 PM (IST)
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नक्सली कमांडर सुरेश कोड़ा के सरेंडर के साथ मुंगेर बना नक्सल मुक्त जिला

पुलिस लाइन सभागार में आत्मसमर्पण सह पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कार्यक्रम का किया गया आयोजन

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60 से अधिक मामले में सुरेश कोड़ा चल रहा था फरार, गिरफ्तारी बनी थी पुलिस के लिए चुनौती

ढाई दशक तक नक्सली संगठन से जुड़ा रहा सुरेश, 2008 में पहली बार नक्सली घटना के बाद सामने आया था नाम

मुंगेर. नक्सली दस्ता का कमांडर व तीन लाख का इनामी नक्सली सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम ने बुधवार को खुद को पुलिस के समक्ष हथियार व कारतूस के साथ आत्मसमर्पण कर दिया. वर्तमान में वह नक्सली संगठन के स्पेशल एरिया कमेटी का कमांडर था और इस जिले का अंतिम हार्ड कोर नक्सली था. उसके आत्मसमर्पण के बाद न सिर्फ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली, बल्कि मुंगेर जिला लेगेसी और थ्रस्ट डिस्ट्रक्टि की सूची से बाहर निकल आया है.

चार हथियार के साथ किया आत्मसमर्पण

पुलिस लाइन सभागार में बुधवार को आत्मसमर्पण सह पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान एसएसी कमांडर सुरेश कोड़ा फुल ब्लैक ड्रेस में पहुंचा. उसके सिर पर काली टोली, गले में काला गमछा और दोनों कंधे पर चार हथियार लटका हुआ था. उसने डीआइजी राकेश कुमार, डीआइजी एसटीएफ संजय कुमार सिंह, डीएम निखिल धनराज, एसपी एसटीएफ अंजनी कुमार सिंह के हाथों में अलग-अलग एके-47 असाल्ट रायफल, एके-56 असाल्ट रायफल, दो इंसास कुल चार रायफल व 505 कारतूस सौंप कर सरेंडर कर दिया. मौके पर एएसपी एसटीएफ रामाकांत प्रसाद, एसडीपीओ सदर अभिषेक आनंद, एसटीएफ डीएसपी सुनील शर्मा, सुमित कुमार आर्य, मो शेख साविर सहित अन्य लोग मौजूद थे.

पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा लाभ

अधिकारियों ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत नक्सली कमांडर सुरेश कोड़ा को सुविधा उपलब्ध कराया जायेगा. सरकार एवं मुंगेर जिला प्रशासन की तरफ से इन्हें तथा इनके परिवार को सरकार की ओर से घोषित तीन लाख की इनाम की राशि दी जायेगी. आत्मसमर्पण उपरांत पांच लाख की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. इसके अलावे रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण भत्ता के रूप में 3.6 लाख रुपया यानी 36 माह तक प्रतिमाह 10 हजार रुपये दिया जायेगा. जबकि प्रत्यार्पित हथियारों और कारतूसों के लिए 71 हजार 515 रुपये दिया जायेगा. आत्मसमर्पण नीति के तहत जिला प्रशासन की ओर से योग्यता के अनुरूप भविष्य में पुनर्वास के लिए पांच डिसमील जमीन, आवास योजना समेत चापाकल व शौचालय, जन वितरण प्रणाली की दुकान, सरकारी स्तर से रोजगार व वृद्धावस्था पेंशन दिया जायेगा. सुरक्षा के लिए हथियार का लाइसेंस, बच्चों की शिक्षा, बच्चियों की शादी, मवेशी पालन अनुदान, परिजनों को आयुष्मान कार्ड व लेबर कार्ड, जीविका व आदिवासी समाज के लिए सामाजिक स्तर पर एकलव्य स्कूल की व्यवस्था की जयेगी.

60 कांडों में था फरार

मुंगेर. जिला के लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के पैसरा गांव निवासी सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम वर्ष 2000 में ही नक्सली संगठन से जुड़ गया था. उसका नाम वर्ष 2008 में सुर्खियों में आया. उसके खिलाफ मुंगेर, जमुई, लखीसराय ही नहीं, बल्कि झारखंड के कई थानों में नक्सली घटना को अंजाम देने का मामला दर्ज है. मुंगेर, जमुई एवं लखीसराय के विभिन्न थानों में हत्या, फिरौती के लिए अपहरण, पुलिस की हत्या, पुलिस का हथियार लूटने, पुलिस मुठभेड़, लेवी वसूली समेत अन्य संगीन मामलों में 60 से अधिक मामले दर्ज हैं. इसमें वह लंबे समय से फरार चल रहा था. उसकी गिरफ्तारी नहीं होने के कारण सरकार उस पर लगातार इनाम की राशि बढ़ाती चली गयी. 20 जनवरी 2026 को उस पर सरकार ने तीन लाख का इनाम घोषित किया था.

अधिकारियों ने परिजनों को सहयोग का दिया आश्वासन

मुंगेर. सुरेश कोड़ा के आत्मसमर्पण कार्यक्रम में उसकी पत्नी प्रमिला देवी मौजूद थी. उसके तीन पुत्र, पुत्रवधू और पोता-पोती व कई रिश्तेदार भी मौजूद थे. प्रशासनिक स्तर पर सभी को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने पर सम्मानित किया. डीआइजी ने कहा कि मुंगेर पुलिस ने एसटीएफ व अर्धसैनिक बलों के साथ मिल कर नक्सल क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया. इसका नतीजा रहा कि कईयों ने पुलिस के समक्ष खुद आत्मसमर्पण कर दिया, तो कई जेल में बंद हैं. कई पुलिस मुठभेड़ में मारे गये. सुरेश कोड़ा अंतिम कड़ी था, जिन्होंने आज खुद आत्मसमर्पण कर दिया. अब इस क्षेत्र में विकास कार्य में तेजी आयेगी. डीएम निखिल धनराज ने पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि बिहार व केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच है विकास की गति जो बिहार में चल रही है, उसका सभी को लाभ मिले. आपलोग जो भी उद्योग लगाना चाहेंगे, उसमें प्रशासन पूरा सहयोग करेगा. उन्होंने अपील की कि आपलोग अपने बच्चों को पढ़ाएं, सभी जगह स्कूल है. अगर कोई दिक्कत आती है तो बताएं, उसे दूर किया जायेगा.

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BIRENDRA KUMAR SING

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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