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सखी वन स्टॉप सेंटर : पीड़ित व असहाय महिलाओं के लिए वरदान, लौट रही खुशियां

Updated at : 12 Dec 2025 6:51 PM (IST)
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सखी वन स्टॉप सेंटर : पीड़ित व असहाय महिलाओं के लिए वरदान, लौट रही खुशियां

जिला मुख्यालय में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर पीड़ित और असहाय महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है.

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सात वर्षों में सखी वन स्टॉप सेंटर ने 429 महिलाओं को घर में दिलाया सम्मान

मुंगेर. जिला मुख्यालय में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर पीड़ित और असहाय महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है. यह सेंटर कई परिवारों की खुशियां लौटाने और सम्मान दिलाने का जहां काम कर रही है, वहीं भटकी हुई महिलाओं को उनके परिवार को सकुशल लौटा कर पुर्नवासित कराने का काम कर रही है.

दहेज, घरेलू हिंसा, भ्रूण हत्या जैसे मामलों का किया जा रहा समाधान

यूं तो वर्ष 2011 से ही मुंगेर में वन स्टॉप सेंटर चल रहा है. लेकिन वर्ष 2019 में इसका नाम बदल कर सखी वन स्टॉप सेंटर रखा गया. जिला मुख्यालय स्थित सूचना भवन में डीडीसी कार्यालय के समीप यह केंद्र संचालित हो रहा है. यहां पर चार कर्मी तैनात है. जिसमें केंद्र प्रशासक, केश वर्कर, कार्यपालक सहायक, पारा मेडिकल कर्मी शामिल है. महिला पुलिस डेस्क भी काम करती है. जानकारी के अनुसार, 2019 से लेकर दिसंबर 2025 कुल 547 मामले दर्ज हुए. जिसमें 429 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है. किसी भी तरह की पारिवारिक, दहेज, घरेलू हिंसा, भ्रूण हत्या, यौन शोषण, बाल विवाह, दहेज उत्पीड़न, एसिड अटैक विक्टिम व दुष्कर्म संबंधी आदि मामलों से जुड़ी समस्याओं का समाधान यहां किया जा रहा है.

पीड़ित महिलाओं के लिए मददगार बना वन स्टॉप सेंटर

लगातार बढ़ते नारी उत्पीड़न के अलावा पुलिस और न्यायालय की कई चुनौतियां के दबाव में अन्याय सहन कर रही पीड़ित महिलाओं के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर एक मददगार के रूप में आगे आया है. कोई भी पीड़ित महिला राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क कर के कहीं पर भी वन स्टॉप सेंटर की रेस्क्यू टीम को बुला सकती हैं. मुंगेर में भी महिला सशक्तिकरण एवं महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा सखी वन स्टाप सेंटर का संचालन हो रहा है.

2019 से अब तक 547 मामले आए, जिसमें 429 मामलों का निष्पादन हो चुका है. शेष बचे मामलों के निष्पादन को लेकर प्रयास किया जा रहा है. काउंसिलिंग के माध्यम से अधिकांश मामलों को निष्पादन कराते हुए महिलाओं को सम्मान दिलाने का काम किया जा रहा है.

शिप्रा कुमारी, केंद्र प्रशासकB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIRENDRA KUMAR SING

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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