ग्रेड पे व ट्रांसफर-प्रमोशन की मांग को लेकर राजस्व कर्मचारियों ने दिया धरना
Updated at : 11 Mar 2026 6:49 PM (IST)
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आरोप लगाया बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी हमारी समस्याओं का नहीं किया जा रहा समाधान
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मुंगेर. मुंगेर जिले के राजस्व कर्मियों ने बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बुधवार को शहीद स्मारक के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. जिले के अंचलों से पहुंचे कर्मचारियों ने अपनी लंबित 17 सूत्री मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द मांग पूरी नहीं करने पर न सिर्फ अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर डटे रहने का ऐलान किया, बल्कि आंदोलन तेज करने की घोषणा की. कार्यक्रम का नेतृत्व जिला सचिव संदीप कुमार ने की.
धरना में शामिल कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जबकि हमलोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन सहित 68 प्रकार के काम करते हैं. एक-एक राजस्वकर्मी को कई-कई पंचायत का प्रभार सौंप दिया गया है. मुंगेर में 96 पंचायत है और राजस्वकर्मियों की संख्या सिर्फ 27 है. मांग पूरी नहीं होने पर 11 फरवरी से हमलोग अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गये. बावजूद सरकार ने हमारी मांगों पर विचार नहीं किया. इसके कारण आज धरना-प्रदर्शन करना पड़ा. राजस्वकर्मियों ने जिन मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया, उसमें ग्रेड पे 1900 के स्थान पर 2800 करने, सभी नियुक्त राजस्व कर्मचारियों को उनके गृह जिले में पदस्थापित करने, एसीपी-एमएसीपी का लाभ देने, लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को प्रोन्नति देने, पदनाम बदलकर सहायक राजस्व अधिकारी, एक कर्मचारी को केवल एक ही हल्का (पंचायत) का प्रभार देने, कार्य के लिए संसाधन/भत्ता देने सहित अन्य मांग शामिल है. मौके पर राजीव रंजन, रविशंकर सिन्हा, ओमप्रकाश प्रसाद, धर्मवीर कुमार सहित अन्य मौजूद थे.हड़ताल के कारण अंचलों में काम-काज ठप, जनता परेशान
मुंगेर. जिले के सभी अंचलों में पदस्थापित राजस्व हलका कर्मचारी अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर 11 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं. इसके कारण अंचलों में काम-काज बुरी तरह से ठप है और जनता परेशान है. इन कर्मियों के हड़ताल पर जाने से जाति, निवास, आय, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, पारिवारिक, जिला लोक शिकायत, लगान निर्धारण, एग्री सेंसस, आधार सीडिंग का काम प्रभावित हो रहा है. इसके साथ ही जमीन का दाखिल खारिज, परिमार्जन, आपदा रिपोर्ट, अतिक्रमण, विवादित सहित अन्य भूमि की मापी, भूमि संबंधित लोगों की समस्याओं का निदान भी नहीं हो पा रहा है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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