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अनुभव प्रमाण पत्र में कमी के बावजूद शिक्षकों की पोस्टिंग पर उठे सवाल

Updated at : 19 Jan 2026 7:08 PM (IST)
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अनुभव प्रमाण पत्र में कमी के बावजूद शिक्षकों की पोस्टिंग पर उठे सवाल

अनुभव प्रमाण पत्र में कमी के बावजूद शिक्षकों की पोस्टिंग पर उठे सवाल

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तीन सहायक प्राध्यापकों की अधिसूचना को लेकर घिरा मुंगेर विश्वविद्यालय

कुलपति बोले– अखबार में खबर छपने के बाद मिली जानकारी

मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय में अनुभव प्रमाण पत्र में कमी के बावजूद दो विषयों में तीन शिक्षकों की पोस्टिंग को लेकर जारी अधिसूचना अब सवालों के घेरे में आ गई है. हैरानी की बात यह है कि इस मामले की जानकारी खुद कुलपति को अखबार में समाचार प्रकाशित होने के बाद मिलने की बात सामने आ रही है. ऐसे में विश्वविद्यालय में शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

प्रमाण पत्र में कमी के बावजूद जारी हुई अधिसूचना

मुंगेर विश्वविद्यालय द्वारा 20 दिसंबर 2025 को दो विषयों में तीन सहायक प्राध्यापकों की पोस्टिंग की अधिसूचना जारी की गई थी. इनमें अंग्रेजी विषय की सहायक प्राध्यापिका डॉ. रीता कुमारी तथा रसायनशास्त्र विषय के दो सहायक प्राध्यापक डॉ. संदीप सुधांशु और डॉ. शारदा चंद्रा शामिल हैं.

इन तीनों शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र में कमी पाई गई है. विश्वविद्यालय की ओर से संबंधित शिक्षकों को प्रमाण पत्र की कमी पूरी करने के लिए कहा गया है, लेकिन इसके बावजूद अब तक इनकी पोस्टिंग को स्थगित करने से संबंधित कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है.

गौरतलब है कि बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग और उच्च शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2025 से यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जिन विषयों में आयोग के माध्यम से सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की जाती है, उनकी नियुक्ति दस्तावेजों की पूर्ण जांच के बाद ही की जाए.

ऐसे में सवाल उठता है कि केएसएस कॉलेज, लखीसराय के गणित विषय के शिक्षक डॉ. सुनील कुमार की नियुक्ति के मामले में, जब उनका अनुभव प्रमाण पत्र आयोग के निर्देशानुसार नहीं पाया गया, तो विश्वविद्यालय ने 11 नवंबर 2025 को आयोग को पत्र भेजते हुए इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी. बाद में 2026 के आरंभ में विश्वविद्यालय द्वारा उनकी सेवा भी स्थगित कर दी गयी.

इसके विपरीत, वर्तमान मामले में अनुभव प्रमाण पत्र में कमी के बावजूद तीन शिक्षकों की पोस्टिंग की अधिसूचना जारी कर दी गई. जबकि नियुक्ति और पोस्टिंग से संबंधित अंतिम निर्णय कुलपति स्तर से लिया जाता है. ऐसे में कुलपति का यह कहना कि उन्हें इस मामले की जानकारी अखबार में समाचार प्रकाशित होने के बाद मिली, विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर और भी सवाल खड़े करता है. वहीं कुलसचिव स्वयं यह स्वीकार कर चुके हैं कि तीनों शिक्षकों की पोस्टिंग की अधिसूचना गलती से जारी हो गई है.

कहते हैं कुलपति

इस संबंध में कुलपति प्रो संजय कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें अखबार में समाचार प्रकाशित होने के बाद मिली है. पूरे मामले की जांच करायी जाएगी. यह देखा जाएगा कि आखिर चूक कहां हुई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT JHA

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By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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